कमिश्नरेट को हथियारों के साथ बेहद सख्ती से लिया घेर
ITBP जवानों ने सहकर्मी और उनके परिवार के प्रति एकजुटता और गहरी चिंताएं दिखाई
कानपुर: 24 मई 2026
कानपुर में ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के हथियारबंद कमांडो ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव किया। यह घटना तब शुरू हुई जब ITBP के जवान विकास सिंह ने अपनी मां का कटा हुआ हाथ एक थर्माकोल बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। विकास की मां, निर्मला देवी, को एक प्राइवेट अस्पताल में गलत इलाज के कारण गंभीर समस्या आई, जिसके चलते आखिरकार उनका हाथ काटना पड़ा.
इस घटना की शुरूआत 13 मई को हुई, जब निर्मला देवी को सांस लेने में परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और बाद में डॉक्टरों ने चार दिन बाद 17 मई को उनका हाथ काटने का निर्णय लिया. विकास सिंह और उनके परिवार ने अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाया, और जब उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से सहायता मांगी, तो उनकी शिकायतें अनसुनी रहीं.
20 मई को जब कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो विकास सिंह ने अपने साथी ITBP जवानों के साथ मिलकर कमिश्नर ऑफिस का घेराव करने का फैसला किया। इस घटना में करीब 100 जवान शामिल हुए जिन्होंने 15 से ज्यादा गाड़ियों में सवार होकर कमिश्नरेट पहुंचे और हथियारों के साथ बेहद सख्ती से इस ऑफिस को घेर लिया.
इस घटना ने कानपुर पुलिस में खलबली मचा दी और स्थानीय पुलिस आयुक्त ने पूरी स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने ITBP के कमांडेंट से चर्चा कर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया. इस घेराव ने स्पष्ट रूप से यह दिखा दिया कि ITBP जवानों में अपने सहकर्मी और उनके परिवार के प्रति एकजुटता और गहरी चिंताएं हैं।
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने इस मुद्दे को और भी अधिक उजागर किया। वीडियो में ITBP जवानों की नाराजगी और उनका गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल गई. फिलहाल, मामले में औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने कानपुर की स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाया है।
कानपुर में ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के हथियारबंद कमांडो ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस का घेराव किया। यह घटना तब शुरू हुई जब ITBP के जवान विकास सिंह ने अपनी मां का कटा हुआ हाथ एक थर्माकोल बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। विकास की मां, निर्मला देवी, को एक प्राइवेट अस्पताल में गलत इलाज के कारण गंभीर समस्या आई, जिसके चलते आखिरकार उनका हाथ काटना पड़ा.
इस घटना की शुरूआत 13 मई को हुई, जब निर्मला देवी को सांस लेने में परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और बाद में डॉक्टरों ने चार दिन बाद 17 मई को उनका हाथ काटने का निर्णय लिया. विकास सिंह और उनके परिवार ने अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगाया, और जब उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से सहायता मांगी, तो उनकी शिकायतें अनसुनी रहीं.
20 मई को जब कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो विकास सिंह ने अपने साथी ITBP जवानों के साथ मिलकर कमिश्नर ऑफिस का घेराव करने का फैसला किया। इस घटना में करीब 100 जवान शामिल हुए जिन्होंने 15 से ज्यादा गाड़ियों में सवार होकर कमिश्नरेट पहुंचे और हथियारों के साथ बेहद सख्ती से इस ऑफिस को घेर लिया.
इस घटना ने कानपुर पुलिस में खलबली मचा दी और स्थानीय पुलिस आयुक्त ने पूरी स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने ITBP के कमांडेंट से चर्चा कर मामले की जांच करने का आश्वासन दिया. इस घेराव ने स्पष्ट रूप से यह दिखा दिया कि ITBP जवानों में अपने सहकर्मी और उनके परिवार के प्रति एकजुटता और गहरी चिंताएं हैं।
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने इस मुद्दे को और भी अधिक उजागर किया। वीडियो में ITBP जवानों की नाराजगी और उनका गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल गई. फिलहाल, मामले में औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने कानपुर की स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाया है।




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