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الجمعة، 16 مايو 2025

बर्ड फ्लू गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में 7 मई को बाघिन शक्ति की मृत्यु व बर्ड फ्लू की पुष्टि की दहशत से एहतियात के तौर पर यूपी के सभी चिड़ियाघर 20 मई तक बंद

एवियन इन्फ्लूएंजा या बर्ड फ्लू एक संक्रामक वायरल रोग 
चिड़ियाघरों के स्टाफ को भी  स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश
यूपी के गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में  बाघिन शक्ति 7 मई की मृत्यु की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप 
निर्णय प्रशंसा योग्य व स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सतर्कता और समय पर उचित कदम
कानपुर 16 , मई, 2025:

लखनऊ 16 , मई, 2025:
उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए सरकार ने सभी चिड़ियाघरों
उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के शेहेद अशफाकुल्लाह खान चिड़ियाघर में एक बाग्रेस में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद, एक सप्ताह (20 मई, 2025 तक) के लिए लखनऊ, कानपुर, गोरखपर और इटावा लायन सफारी सहित सभी प्रमुख चिड़ियाघरों के तत्काल बंद होने का आदेश दिया है।  यह कदम प्रशासन की ओर से महामारी नियंत्रण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समझा गया है।  एवियन इन्फ्लूएंजा या बर्ड फ्लू एक संक्रामक वायरल रोग है, जो पक्षियों के साथ मनुष्यों में भी फैलता है। इस बीमारी का प्रकोप जानवरों तथा मनुष्यों दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर है।
चिड़ियाघरों में विभिन्न प्रकार के घरेलू और जंगली पक्षी इस बीमारी के संचरण के लिए संवेदनशील होते हैं। ऐसे में चिड़ियाघरों का खुले में रहना और पर्यटकों के आने-जाने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। यूपी सरकार का निर्णय वायरस के संचार को सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। इस दौरन चिड़ियाघरों के स्टाफ को भी विशेष स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी के गोरखपुर में शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में 7 मई को बाघिन शक्ति  की मृत्यु हो गयी थी उसकी जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया था. बाघिन शक्ति की जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद चिड़ियाघर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. चिड़ियाघर को एहतियात के तौर पर सात दिन के लिए बंद कर दिया गया था. सैनिटाइजेशन के साथ काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की बर्ड फ्लू जांच की गई है.
गोरखपुर में एक के बाद एक जानवरों की मौत के बाद चिड़ियाघर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी सकते में आ गए थे भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान की जांच में 7 मई को मरी बाघिन शक्ति की मौत में बर्ड फ्लू की पुष्टि व रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार 14 मई को आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) की टीम ने चिड़ियाघर पहुंचकर 105 कर्मियों का सैंपल लिया. संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पूरे चिड़ियाघर को सैनिटाइज किया गया था इसके बाद से ही चिड़ियाघर को 20 मई तक बंद कर  उसके इलाज और देखभाल में लगे सभी कर्मियों को क्वारंटाइन कर दिया गया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आर्गन फेल्योर की पुष्टि 7 मई को बाघिन शक्ति ने मौत से पहले छह मई को खाना और पीना छोड़ दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मल्टी आर्गन फेल्योर होने की बात सामने आई, लेकिन संक्रमण का पता नहीं चला. इसलिए सैंपल को विसरा जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल भेजा गया, जहां जांच में मौत की वजह बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई. बाघिन शक्ति को बीते साल 10 मई को दुधवा रिजर्व के मैलानी रेलवे लाइन के किनारे घायलावस्था में गोरखपुर चिड़ियाघर लाया गया था. उस वक्त वो 10 माह की थी. उसके पैर में चोट होने की वजह से वो खड़ी नहीं हो पा रही थी. ठीक होने के बाद उसे रेस्क्यू सेंटर में रखा गया. इसके बाद उसे बाड़े में छोड़ दिया गया. कुछ दिनों बाद अस्वस्थता की वजह से उसे दोबारा रेस्क्यू सेंटर में लाया गया.
चिड़ियाघर के के अनुसार चिड़ियाघर में हाल के दिनों में चार जानवरों की मौत से हड़कंप मचा है. वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी 9 मई को चिड़ियाघर पहुंचकर हालात का जायजा ले चुके हैं. वहीं बीमार शेर पटौदी को इंफेक्शन फैलने के खतरे को देखते हुए इलाज के लिए कानपुर जू भेजा जा चुका है.
चिड़ियाघर के निदेशक विकास यादव ने बताया कि बाघिन शक्ति की बर्ड फ्लू से मौत की पुष्टि के बाद चिड़ियाघर के 105 कर्मियों और अधिकारियों के सैंपल आरएमआरसी की टीम ने लिए हैं. सभी को क्वारंटाइन किया गया है. सभी बड़े वन्य जीवों की जांच भी जल्द होगी. चिड़ियाघर को एहतियात के तौर पर 20 मई तक बंद कर दिया गया है.
सरकार ने जनता से आग्रह किया है कि वे इस निर्णय का सम्मान करें और चिड़ियाघरों के बंद रहने के कारण किसी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया न दें। इसके अलावा, पक्षियों के साथ संपर्क सीमित करने और संक्रमित पक्षी या मृत पक्षी की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की भी विशेष अपील की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उठाए गए ये कदम ही बर्ड फ्लू के प्रकोप को नियंत्रित करने में कारगर साबित होंगे।
यह निर्णय जानवरों की सुरक्षा के के साथ मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है। यदि नियंत्रित न किया गया तो बर्ड फ्लू के संक्रमण का फैलाव तेजी से हो सकता है और गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या में तब्दील हो सकता है। चिड़ियाघरों को अस्थायी से बंद रखना एक जिम्मेदार और विज्ञान आधारित कदम है।
महामारी की रोकथाम और संरक्षण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक प्राथमिकता है। बर्ड फ्लू के खतरे को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय प्रशंसा योग्य व स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सतर्कता और समय पर उचित कदम हैं समाज और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर यह बंदी सफलतापूर्वक अपना उद्देश्य पूरा करेगी और राज्य में बर्ड फ्लू का खतरा समाप्त होगा।

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