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الخميس، 29 يناير 2026

 भारतीय छात्रों के लिए यूजी एक्सचेंज कार्यक्रम संचालित करने वाले विश्वविद्यालय भारतीय और विदेशी शिक्षा संस्थानों के साझे प्रयास से स्थापित हुए हैं। यहाँ कुछ प्रमुख विश्वविद्यालयों की जानकारी है जो भारतीय छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों की डिग्री हासिल करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

1. अनुमति प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय

हाल ही में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने विभिन्न विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने की अनुमति दी है। इनमें शामिल हैं:

2. डबल डिग्री प्रोग्राम्स

यूजीसी ने 48 भारतीय विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर डबल डिग्री प्रोग्राम संचालित करने की अनुमति दी है। इनमें प्रमुख विश्वविद्यालय निम्नलिखित हैं:

  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी
  • जामिया मिलिया इस्लामिया
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस (जो मोनाश यूनिवर्सिटी और क्वीन मैری यूनिवर्सिटी के साथ कार्यक्रम कर रहा है)^2.

3. उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण

यूजीसी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में कैंपस स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल किया है। प्रस्तावित विनियमों के अनुसार, केवल उन विदेशी विश्वविद्यालयों को अनुमति दी जाएगी जो QS विश्व रैंकिंग में शीर्ष 500 में हों^3.

4. ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा पर प्रतिबंध

विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में ऑनलाइन पाठ्यक्रम या मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी। इसके बजाय, सभी कक्षाएं ऑफलाइन संचालित की जाएंगी, जो छात्रों को प्रत्यक्ष शैक्षणिक अनुभव प्रदान करेंगी^4.

निष्कर्ष

भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों की स्थापना से भारतीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अधिक किफायती दरों पर उपलब्ध होगी। इससे उनकी रोजगार संभावना बढ़ेगी और उन्हें वैश्विक मानकों से मेल खाते पाठ्यक्रमों का लाभ मिलेगा^5.

इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यदि आप किसी विशेष विश्वविद्यालय या कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी चहाते हैं, तो कृपया संबंधित विश्वविद्यालयों की वेबसाइट या यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।


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