सरकार की विदेश नीति अमेरिका और इज़राइल के दबाव में
किसानों और देश के लिए हानिकारक
प्रधानमंत्री की विदेश नीति वर्तमान में एक "समझौतावादी व्यक्ति के शोषण" का परिणामकानपुर:25 मार्च 2026
नई दिल्ली: 25 मार्च 2026
राहुल गांधी ने हाल ही में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला किया है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति अमेरिका और इज़राइल के दबाव में काम कर रही है, जो कि किसानों और देश के लिए हानिकारक है.
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मोदी की सरकार छोटे किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है, और कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोला जा रहा है, जिससे भारतीय किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा.
प्रधानमंत्री की विदेश नीति वर्तमान में एक "समझौतावादी व्यक्ति के शोषण" का परिणाम है, और उन्होंने संकेत किया कि यह हमारे इतिहास और संस्कृति के मूल्यों के खिलाफ है. राहुल गांधी ने यह भी बयां किया कि भारत को अब स्थाई नेतृत्व की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान स्थिति में प्रधानमंत्री केवल समझौतावादी हैं.
गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति को हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा के अनुसार आकार लेना चाहिए, और यह उस समय की नीतियों पर आधारित होनी चाहिए जो सत्य और अहिंसा के आध्यात्मिक आधारों पर संरक्षण करती हैं.
राहुल गांधी का यह बयान सरकार की विदेश नीतियों के प्रति उनकी असंतोषजनक स्थिति को स्पष्ट करता है, विशेषकर वैश्विक संघर्षों और अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों के संदर्भ में।



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