आरोपी ने गवाहों से जिरह या जिरह नहीं की है तो मजिस्ट्रेट के पास सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने का विवेकाधिकार है: कर्नाटक उच्च न्यायालय
डा. लोकेश शुक्ला मुख्य कार्यकारी निदेशक, इन्टरनेशनल मीडिया एडवरटाइजमेन्ट मारकेटिग प्राइवेट लिमिटेड, 40 बसंत विहार कानपुर इन्डिया पिन:208021 मो. 7505330999
Wednesday, February 12, 2025
मजिस्ट्रेट के पास सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने का विवेकाधिकार कर्नाटक उच्च न्यायालय के अनुसार अगर आरोपी गवाह से जिरह करने या ब...


