प्रद्युत बोरदोलोई सांसद वरिष्ठ कांग्रेस नेता आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण: प्रियंका गांधी वाड्रा:कांग्रेस सांसद
पार्टी में टिकट आवंटन के मामले में असंतोष होना एक सामान्य स्थिति
पार्टी में अनुशासन और संवाद का अभाव विपरीत परिणाम उत्पन्न करताकानपुर:18 मार्च 2026
सोशल मीडिया पोस्ट सेआईएएनएस हिंदी @IANSKhabar ·10h
दिल्ली: असम कांग्रेस उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले नवज्योति तालुकदार ने कहा, "असम के सभी लोग वंदे मातरम् गाते हैं। हम भगत सिंह का सम्मान करते हैं। एक ऐसा आदमी (कांग्रेस सांसद इमरान मसूद) पार्टी की ओर से असम गया है जो वंदे मातरम् नहीं गाता। जो भगत सिंह की तुलना आतंकी संगठन हमास के साथ जोड़कर बात करते हैं। ऐसा आदमी अगर असम में कांग्रेस के लिए काम करने गया है तो कांग्रेस असम में नहीं चलेगी।
ANI_HindiNews@AHindinews ·11h
दिल्ली: कांग्रेस नागांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस से इस्तीफे पर RLM प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा, "कांग्रेस पार्टी का रवैया अपनी पार्टी के प्रति भी ठीक नहीं है।"
एनबीटी हिंदी न्यूज @NavbharatTimes 7h
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफ़े पर कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि वह एक टिकट के बंटवारे को लेकर नाराज़ थे और काश हमें इस पर चर्चा करने का मौक़ा मिला होता। यह सचमुच खेदजनक है।
प्रद्युत बोरदोलोई जैसे मौकापरस्त, गद्दार इंसान को कांग्रेस से आजीवन ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए कांग्रेस ने इनको क्या नहीं दिया? • 1977 – कॉटन कॉलेज महासचिव • 1978 – असम NSUI अध्यक्ष • 1998 – विधायक (कांग्रेस) • 2001 – विधायक • 2006 – विधायक • 2011 – विधायक • 2016 – फिर से
Live Times@livetimes_news ·8h
असम में चुनाव से पहले सियासी उठापटक, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, कांग्रेस के सभी पदों से प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से मचा संग्राम
आईएएनएस हिंदी @IANSKhabar · 12h
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफ़े पर कहा, "...इसके दो पक्ष हैं, एक पक्ष क्या उनका कांग्रेस में उतना सम्मान नहीं मिला, दूसरा क्या सरकार ने उन पर कोई दबाव डाला। ये लगातार देखने में आ रहा है कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकारें बनी हैं, तब से विपक्षी खेमे के लोग टूटकर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर रहे हैं..."
दिल्ली: नागांव के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के कांग्रेस से इस्तीफा देने का बाद भाजपा में शामिल होने पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "यहां 3 गांधी मौजूद हैं, लोकसभा में राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और प्रियंका गांधी पार्टी की जनरल सेक्रेटरी हैं। उनसे मुट्ठी भर सांसद संतुष्ट नहीं हो रहे हैं। ये समझने वाली बात है। नीचे जो कार्यकर्ता है उसकी यहां कौन सुन रहा है। इस लिए कांग्रेस का ये हाल है। जो-जो राज्य आते जाएंगे वे सांसद छोड़कर चलते जाएंगे।"
आईएएनएस हिंदी @IANSKhabar ·9h
दिल्ली: केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने कहा, "आज, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की उपस्थिति में, असम के एक जाने-माने राजनीतिक कार्यकर्ता और वर्तमान में नगांव लोकसभा सीट से सांसद वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो गए हैं..."
आईएएनएस हिंदी @IANSKhaba
पटना, बिहार: JD(U) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफ़े पर कहा, "चुनाव का समय है अभी पार्टी बदलना राजनीति का एक स्वभाव बनता जा रहा है। तो ऐसी स्थिति में कोई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस्तीफा दिया है तो कांग्रेस का नेतृत्व देश में रहता ही कम है। देश में जब कम रहेंगे, तो यहां के भूगोल, यहां की राजनीति की जानकारी कैसे मिलेगी। इसलिए कांग्रेस अभी फ्री होलसेल में है..."
असम : 18 मार्च 2026
असम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद कठिन था क्योंकि उन्हें कांग्रेस पार्टी के अंदर कई मुद्दों पर लगातार अपमान का सामना करना पड़ रहा था। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी से इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई एक टिकट के बंटवारे को लेकर नाराज़ थे और उनकी इच्छा थी कि इस मुद्दे पर चर्चा करने का एक अवसर मिल पाता। प्रियंका का यह बयान इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है, कि कैसे पार्टी में अनुशासन और संवाद का अभाव कभी-कभी विपरीत परिणाम उत्पन्न कर सकता है। उनका विचार है कि यह स्थिति वास्तव में खेदजनक है।
यह प्रतिक्रिया इस बात को भी उजागर करती है कि पार्टी में टिकट आवंटन के मामले में असंतोष होना एक सामान्य स्थिति है, जो कभी-कभी नेताओं के इस्तीफे का कारण बन सकती है। प्रियंका ने यह भी स्पष्ट किया कि संवाद की कमी ने इस समस्या को बढ़ाया है, जिससे संवाद का महत्व और बढ़ जाता है।
राजनीतिक दलों में आंतरिक समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि ऐसे इस्तीफे जैसी घटनाओं से बचा जा सके।




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