देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
रेस्तरां, दुकानें और गुरुद्वारे भी गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित
बेरोजगारी बढ़ सकती है
पेट्रोलियम मंत्रालय पैनिक न फैलाएं, सप्लाई सामान्य करने के प्रयास चल रहे हैं
कानपुर:27 मार्च 2026
नई दिल्ली, 27 मार्च 2026
एलपीजी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने 27 मार्च को कहा कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हरसिमरत कौर ने कहा, "यह जरूरी है क्योंकि गैस सिलेंडर की कमी से आम आदमी प्रभावित हुआ है। रेस्तरां, दुकानें और गुरुद्वारे भी गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित हुए हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इससे बेरोजगारी बढ़ सकती है...आज मैं इस पर सवाल उठाना चाहती हूं क्योंकि मुझे संसद में उठाने का कोई मौका नहीं मिला।"
नई दिल्ली, 27 मार्च 2026
एलपीजी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने 27 मार्च को कहा कि इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हरसिमरत कौर ने कहा, "यह जरूरी है क्योंकि गैस सिलेंडर की कमी से आम आदमी प्रभावित हुआ है। रेस्तरां, दुकानें और गुरुद्वारे भी गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित हुए हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इससे बेरोजगारी बढ़ सकती है...आज मैं इस पर सवाल उठाना चाहती हूं क्योंकि मुझे संसद में उठाने का कोई मौका नहीं मिला।"
हरसिमरत कौर का बयानउन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी से आम आदमी, रेस्तरां, दुकानें और गुरुद्वारे भी प्रभावित हो रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है और बेरोजगारी बढ़ने का खतरा है। उन्होंने यह भी बताया कि संसद में इस मुद्दे पर सवाल उठाने का मौका नहीं मिला, इसलिए बाहर बयान दे रही हैं। वर्तमान एलपीजी संकट का संदर्भभारत में मार्च 2026 में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में दिक्कतें आई हैं। मुख्य कारण:पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहा संघर्ष (विशेष रूप से ईरान से जुड़े तनाव और हार्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग व्यवधान) — भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और ज्यादातर सप्लाई मध्य पूर्व से आती है।
इससे आयात प्रभावित हुआ, जिसके चलते घरेलू और व्यावसायिक (कमर्शियल) दोनों क्षेत्रों में दबाव बढ़ा।
पैनिक बुकिंग और होर्डिंग (स्टॉक करना) की वजह से सप्लाई चेन पर अतिरिक्त बोझ पड़ा, हालांकि सरकार का कहना है कि वास्तविक उत्पादन/स्टॉक पर्याप्त है (लगभग 60 दिन का कवर)।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी और उद्योगों को सप्लाई काटी/कम की। कुछ राज्यों में बुकिंग गैप बढ़ाया गया (शहरी क्षेत्रों में 25 दिन, ग्रामीण में 45 दिन)।
कमर्शियल सिलेंडरों के दाम 30-40% तक बढ़े, ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें आईं। रेस्तरां, होटल, टेक्सटाइल, सिरेमिक यूनिट्स, चाय बागान और यहां तक कि मिड-डे मील कार्यक्रम प्रभावित हुए। अर्थव्यवस्था पर संभावित असरहरसिमरत कौर का कहना सही दिशा में इशारा करता है:रेस्तरां/होटल/कैटरिंग — कई जगहों पर 40-45% तक नुकसान की रिपोर्ट्स हैं। कुछ जगहों पर "गैस सरचार्ज" लगाया जा रहा है या ऑपरेशन बंद करने पड़े।
छोटे व्यवसाय और दुकानें — खासकर खाने-पीने वाले कारोबार प्रभावित।
उद्योग — मोरबी (गुजरात) की सिरेमिक यूनिट्स, टेक्सटाइल और अन्य छोटे उद्योगों में काम रुका, मजदूरों को घर लौटना पड़ा (कोविड जैसी स्थिति की तुलना हो रही है)।
अन्य क्षेत्र — दार्जिलिंग चाय बागानों में उत्पादन प्रभावित, स्कूलों के मिड-डे मील में मेन्यू कटौती।
कुल मिलाकर बेरोजगारी और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का खतरा है, खासकर अनौपचारिक क्षेत्र में। गरीब परिवार वापस लकड़ी/कोयले पर लौट रहे हैं, जो स्वास्थ्य और प्रदूषण की समस्या बढ़ा सकता है।सरकार का पक्ष: पेट्रोलियम मंत्रालय और मंत्री कह रहे हैं कि पैनिक न फैलाएं, सप्लाई सामान्य करने के प्रयास चल रहे हैं, लोकल उत्पादन बढ़ाया गया है और वैकल्पिक स्रोतों से आयात की कोशिश की जा रही है। घरेलू कनेक्शन वाले 33 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।स्थिति अभी क्या है?यह संकट मुख्य रूप से वैश्विक घटना (युद्ध/तनाव) से जुड़ा है, न कि पूरी तरह घरेलू नीति से। सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं जैसे PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देना और जहां उपलब्ध हो वहां LPG कनेक्शन सीमित करना। लेकिन जमीनी स्तर पर कतारें, देरी और महंगाई की शिकायतें जारी हैं।
हरसिमरत कौर बादल (जन्म: २५ जुलाई १९६६) भारत की एक राजनीतिज्ञ हैं और पूर्व में भारत सरकार के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं। वे भटिंडा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष २००९ से लगातार १५ वीं और १६वीं लोकसभा की सांसद हैं। वे शिरोमणि अकाली दल की सदस्य और पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं।



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