"गैर-जिम्मेदार"सरकार विपक्ष
लोकसभा की कार्यवाही कई बार हंगामे के कारण बाधित
मोदी लोकसभा में नहीं आएंगे वे मुद्दों पर संवाद करने में असमर्थ: प्रियंका गांधीकानपुर:09 मार्च 2026
नई दिल्ली :09 मार्च 2026
28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच गंभीर सैन्य संघर्ष ने पश्चिम एशिया को अशांत कर दिया है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें
प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। भारत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया है
पश्चिम एशिया के संकट पर भारत में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। लोकसभा की हालिया कार्यवाही में विपक्षी नेताओं, विशेष रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे इस गंभीर मुद्दे पर चुप हैं और संसद में बहस से बच रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, "प्रधान मंत्री मोदी डर गए हैं और अब तक चुप क्यों हैं?" यह सवाल उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उठाया।
लोकसभा की कार्यवाही कई बार हंगामे के कारण बाधित हुई, जिसमें विपक्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन चर्चा की मांग की। सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई, और इस स्थिति को लेकर विपक्ष ने सरकार को "गैर-जिम्मेदार" ठहराया।
विपक्ष ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्हें सच्चाई का सामना करने से डर है, जबकि प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी लोकसभा में नहीं आएंगे क्योंकि वे मुद्दों पर संवाद करने में असमर्थ हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया को चिंताजनक बताया और समाधान के लिए संवाद की आवश्यकता की बात की।
इस समय भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच शांति की अपील कर रहा है।कुछ सांसदों का प्रदर्शन भी दिखाता है कि यह संकट केवल राजनीतिक बहस नहीं है, बल्कि यह भारतीय ऊर्जा सुरक्षा और छवि को भी प्रभावित कर रहा है।
पश्चिम एशिया के संकट पर भारतीय राजनीति में तीव्र प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं, और पीएम मोदी की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं।




No comments:
Post a Comment