पुलिस ने लिखा- आरोपी अभ्यस्थ अपराधी
ADM ने दी एयरफोर्स कर्मी को क्लीन चिट
केस POCSO जैसे संवेदनशील कानूनों के दुरुपयोग की मिसाल
19 दिन जेल में रहना पड़ा।
कानपुर:12 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश कानपुर नौबस्ता थाना क्षेत्र में सुर्खियों में एक बेहद असामान्य और चौंकाने वाला केस है, जिसमें एक एयरफोर्स कर्मी (अनुराग शुक्ला) को अपनी नाबालिग साली से छेड़छाड़ के झूठे आरोप में लगभग 7 साल तक कानूनी परेशानी झेलनी पड़ी।केस की शुरुआत (2019)फरवरी 2019 में एयरफोर्स कर्मी अपनी पत्नी को ससुराल (बिठूर) से लेने गए थे। उनकी 15 साल की नाबालिग साली उनके साथ कानपुर आई।
8 मार्च 2019 की रात को साली सो रही थी। अचानक उसने शोर मचाया और आरोप लगाया कि उसके जीजा (अनुराग शुक्ला) ने उसे छेड़छाड़ की कोशिश की।
परिवार में हंगामा हुआ। साली के पिता ने नौबस्ता थाने में शिकायत की।
घटना के करीब 5 महीने बाद, 3 अगस्त 2019 को POCSO Act (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई।पुलिस कार्रवाई और जेलपुलिस ने आरोपी एयरफोर्स कर्मी को 29 सितंबर 2019 को गिरफ्तार किया।
उन्हें 19 दिन जेल में रहना पड़ा।
इस दौरान उनके प्रमोशन पर भी असर पड़ा और सामाजिक तिरस्कार झेलना पड़ा।गुंडा एक्ट तक पहुंचा मामलानौबस्ता पुलिस ने POCSO केस को आधार बनाकर आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट (Uttar Pradesh Gangsters and Anti-Social Activities (Prevention) Act) की कार्रवाई की।
10 फरवरी 2020 को गुंडा एक्ट लगाया गया।
पुलिस रिपोर्ट में लिखा गया कि आरोपी "अपराधों को करने का अभ्यस्थ अपराधी" है और उसके कृत्यों से जनसामान्य भयभीत है।कोर्ट में साली सपना यू-टर्न और क्लीन चिट7 साल बाद (मार्च 2026 में) विशेष POCSO कोर्ट में सुनवाई हुई।
साली ने कोर्ट में अपना बयान बदला। उसने कहा कि घटना सच में नहीं हुई थी, बल्कि उसे दवा (संभवतः नींद की या अन्य) के असर से अर्ध-बेहोशी में एक सपना आया था कि जीजा उसे पकड़ रहा है।भ्रम में उसने शोर मचा दिया, जिससे गलतफहमी हुई।साली ने स्पष्ट किया कि जीजा ने उसे छुआ तक नहीं था।अदालत ने साली के इस बयान, सबूतों के अभाव और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
इससे पहले ADM सिटी कोर्ट ने गुंडा एक्ट के मामले में आरोपी को क्लीन चिट दी थी, यानी गुंडा एक्ट हटाया गया।यह केस POCSO जैसे संवेदनशील कानूनों के दुरुपयोग की मिसाल बन गया है, जहां एक सपने/भ्रम से शुरू हुई बात ने किसी की जिंदगी को सालों तक प्रभावित किया। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसके पीछे पारिवारिक विवाद (जैसे प्रॉपर्टी से जुड़ी साजिश) भी हो सकता है।
उत्तर प्रदेश कानपुर नौबस्ता थाना क्षेत्र में सुर्खियों में एक बेहद असामान्य और चौंकाने वाला केस है, जिसमें एक एयरफोर्स कर्मी (अनुराग शुक्ला) को अपनी नाबालिग साली से छेड़छाड़ के झूठे आरोप में लगभग 7 साल तक कानूनी परेशानी झेलनी पड़ी।केस की शुरुआत (2019)फरवरी 2019 में एयरफोर्स कर्मी अपनी पत्नी को ससुराल (बिठूर) से लेने गए थे। उनकी 15 साल की नाबालिग साली उनके साथ कानपुर आई।
8 मार्च 2019 की रात को साली सो रही थी। अचानक उसने शोर मचाया और आरोप लगाया कि उसके जीजा (अनुराग शुक्ला) ने उसे छेड़छाड़ की कोशिश की।
परिवार में हंगामा हुआ। साली के पिता ने नौबस्ता थाने में शिकायत की।
घटना के करीब 5 महीने बाद, 3 अगस्त 2019 को POCSO Act (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई।पुलिस कार्रवाई और जेलपुलिस ने आरोपी एयरफोर्स कर्मी को 29 सितंबर 2019 को गिरफ्तार किया।
उन्हें 19 दिन जेल में रहना पड़ा।
इस दौरान उनके प्रमोशन पर भी असर पड़ा और सामाजिक तिरस्कार झेलना पड़ा।गुंडा एक्ट तक पहुंचा मामलानौबस्ता पुलिस ने POCSO केस को आधार बनाकर आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट (Uttar Pradesh Gangsters and Anti-Social Activities (Prevention) Act) की कार्रवाई की।
10 फरवरी 2020 को गुंडा एक्ट लगाया गया।
पुलिस रिपोर्ट में लिखा गया कि आरोपी "अपराधों को करने का अभ्यस्थ अपराधी" है और उसके कृत्यों से जनसामान्य भयभीत है।कोर्ट में साली सपना यू-टर्न और क्लीन चिट7 साल बाद (मार्च 2026 में) विशेष POCSO कोर्ट में सुनवाई हुई।
साली ने कोर्ट में अपना बयान बदला। उसने कहा कि घटना सच में नहीं हुई थी, बल्कि उसे दवा (संभवतः नींद की या अन्य) के असर से अर्ध-बेहोशी में एक सपना आया था कि जीजा उसे पकड़ रहा है।भ्रम में उसने शोर मचा दिया, जिससे गलतफहमी हुई।साली ने स्पष्ट किया कि जीजा ने उसे छुआ तक नहीं था।अदालत ने साली के इस बयान, सबूतों के अभाव और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
इससे पहले ADM सिटी कोर्ट ने गुंडा एक्ट के मामले में आरोपी को क्लीन चिट दी थी, यानी गुंडा एक्ट हटाया गया।यह केस POCSO जैसे संवेदनशील कानूनों के दुरुपयोग की मिसाल बन गया है, जहां एक सपने/भ्रम से शुरू हुई बात ने किसी की जिंदगी को सालों तक प्रभावित किया। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसके पीछे पारिवारिक विवाद (जैसे प्रॉपर्टी से जुड़ी साजिश) भी हो सकता है।




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