अमेरिकी-ईरानी तनाव में स्थिरता तो बाजार में सुधार की संभावनाएं
निफ्टी के लिए वर्तमान में महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र 23,400 से 23,350 के बीच
स्तर टूटता तो निफ्टी 23,200 तक गिर सकता
निफ्टी के लिए प्रतिरोध स्तर 23,750 से 23,800 है।कानपुर: 30 मई 2026
मुंबई : 30 मई 2026
सोमवार, 1 जून 2026 के लिए भारतीय शेयर बाजार, विशेष रूप से सेंसेक्स और निफ्टी, के रुख को लेकर विशेषज्ञों की कुछ प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
29 मई को, सेंसेक्स और निफ्टी ने गिरावट के साथ अपने कारोबारी दिन का अंत किया। निफ्टी 23,600 के स्तर के नीचे गिरकर 23,547.75 पर बंद हुआ, जो कि 359.40 अंकों की कमी थी। सेंसेक्स ने 1,092.06 अंकों की गिरावट के साथ 74,775.74 पर समापन किया।
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स के अनुसार, निफ्टी के लिए वर्तमान में महत्वपूर्ण सपोर्ट क्षेत्र 23,400 से 23,350 के बीच है। यदि यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 23,200 तक गिर सकता है। वहीं, निफ्टी के लिए प्रतिरोध स्तर 23,750 से 23,800 है।
बाज़ार की दिशा: मौजूदा स्थिति को देखते हुए, निवेशकों को सतर्क रहना होगा। नकारात्मक समाचारों या क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों से बाजार प्रभावित हो सकता है।
बिकवाली का दबाव: पिछले कारोबारी घंटे में बिकवाली का उच्च दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि अमेरिकी-ईरानी तनाव में स्थिरता बनी रहती है, तो बाजार में सुधार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में, जो कंपनियां अच्छे परिणाम दिखा रही हैं, उनमें निवेश के अवसर मिल सकते हैं। इससे निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिल सकती है।
आने वाले दिनों में, पूरे बाजार की गतिविधियों पर नज़र रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर यह देखते हुए कि शेयर बाजार कई बाहरी कारकों से प्रभावित होता है। निवेशकों को विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेने में समझदारी बरतनी चाहिए।
1 जून को भारतीय शेयर बाजार की दिशा बाजार में बने रह रहे दबाव और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। संभावित निवेश रणनीतियाँ और बाजार के संकेतों के प्रति सजग रहना आवश्यक है ताकि निवेश में अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।




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