वेबसाइट से सस्ते सामान, क्रेडिट लिमिट बढ़ाने और ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगीकानपुर: 27 मई 2026
कानपुर में बड़े साइबर ठगी के मामले का भंडाफोड़ किया गया है, जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को सस्ते सामान, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।
गिरोह के बारे में जानकारी
फर्जी वेबसाइट बनाना: आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट स्थापित करते थे, जो PayU, Cashfree और NoBroker जैसे पेमेंट गेटवे लिंक का इस्तेमाल करते थे।
बैंक डिटेल्स हासिल करना: लोग इन वेबसाइटों पर आकर्षक ऑफर्स का लालच देकर अपनी बैंक डिटेल्स, OTP और CVV जानकारी प्रदान करते थे।
सामान्य विधि: गिरोह बेरोजगार और भोले-भाले व्यक्तियों को ऑनलाइन नौकरी और अतिरिक्त कमाई का झांसा देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड किराए पर ले लेता था।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
साहिल यादव (बी-फार्मा छात्र) साहिल यादव (बी.फार्म छात्र)प्रशांत गुप्ता साहिल यादव (बी.फार्म) साहिल यादव (बी.फार्म) प्रशांत गुप्ताआकाश सरोज साहिल यादव (बी-फार्मा), साहिल यादव (बी-फार्मा), प्रशांत गुप्ता (बी.फार्म), आकाश सरोज मोहम्मद मेराज उर्फ कैफ शामिल हैं।यह मामला उस समय उजागर हुआ जब एक युवक, वरुण सोनकर ने अपनी बैंक से लगभग 13 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की शिकायत की।
एक अन्य संदिग्ध, शुभम ठाकुर, अभी भी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय संबंध
जांच सामने आया कि गिरोह के तार कंबोडिया और मलेशिया में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। ऐसे गिरोह संयुक्त रूप से धांधली करने के लिए जाल बुनते हैं, जिससे उनकी पहचान छुपी रहे।
साइबर ठगी के बढ़ते खतरे और ऑनलाइन फ्रॉड के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता को दर्शाता है। लोगों को अपने व्यक्तिगत जानकारी और बैंकिंग विवरण साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए।




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