अमेरिका के House of Representatives सदस्यों ने सदन में दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी थी
राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित
कानपुर: 21 मई 2026
सोशल मीडिया पोस्ट से
आधुनिक भारत के निर्माता, देश को 21वीं सदी की नई दिशा देने वाले दूरदर्शी नेता, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत के निर्माता, भारत में IT क्रांति को जन्म देने वाले, पंचायती राज को मज़बूत करने वाले, 18 साल के युवाओ को मताधिकार दिलाने वाले, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन।
स्वतंत्र पत्रकार | मुद्रण एवं प्रसारण| संपादक-समाचार दृश्य भारत और जीआईआई | विशेष संवाददाता-नवभारत टाइम्स (1980-2006) | सदस्य-सीबीएफसी (2010-2015)
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि। सूचना क्रांति, पंचायती राज और युवाओं को 18 वर्ष की उम्र में मताधिकार देने जैसी क्रांतिकारी सोच व संकल्प ने भारत को आधुनिक व उन्नतशील राष्ट्र बनाया। उनका जीवन हम सभी के लिये प्रेरणास्रोत रहेगा।
जब रो पड़ा था पूरा देश अभी तक यकीन नहीं होता कि राजीव गांधी को गुजरे हुए 35 साल बीत चुके हैं!21 मई 1991 की उस मनहूस रात को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक आत्मघाती बम धमाके ने न सिर्फ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री को हमसे छीन लिया , और पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया!लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) की सदस्य धनु (असली नाम थेनमोझी राजरत्नम) ने माला पहनाकर उनके पैर छूने के बहाने बम विस्फोट किया और इस हमले में राजीव जी के अलावा कम से कम 14 अन्य लोग भी मारे गए थे । उनकी मौत ने न सिर्फ कांग्रेस पार्टी को झकझोर दिया ,बल्कि भारत की राजनीति की दिशा ही बदल दी । राजीव गाँधी की अंत्येष्टि 24 मई 1991 को दिल्ली के वीर भूमि पर हुई! उस दिन को याद करते हुए आज भी देशवासियों की ऑंखें नम हो जाती है! मैं यह भी बताना चाहूंगी कि स्व. राजीव गॉधी की अंतिम यात्रा में शामिल होने दुनिया के 64 देशों से उच्च स्तरीय प्रतिनिधि आये थे , जिसमें से 20 राष्ट्राध्यक्ष ही थे! इंग्लैंड से प्रिंस चार्ल्स भी राजीव जी की अंत्येष्टि मे शामिल हुए थे । पाकिस्तान से प्रधानमंत्री नवाज शऱीफ और उनकी राजनीतिक शत्रु बेनजीर भुट्टो (Benazir Bhutto) भी आए थे। किसी भी देश के पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिये इतनी बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों व राष्ट्राध्यक्षों का शामिल होना यह दर्शाता है कि श्री राजीव गॉधी जी को पूरा विश्व कितनी अहमियत देता था । U.N.O. के महासचिव व फ़िलिस्तीन के यासीर अराफात भी आये थे। और यासीर अराफ़ात साहब जैसे मज़बूत शख़्स को भी राजीव जी के लिए रोते हुऐ देखा गया था! अमेरिका के House of Representatives के सदस्यों ने सदन में दो मिनट का मौन रखकर राजीव जी को श्रद्धांजलि दी थी! और तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश जी ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुऐ राजीव जी अपने संबंधों को याद किया था! अन्य प्रमुख विदेशी मेहमानों में ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ,अफगानिस्तान के राष्ट्रपति नजीबुल्लाह , अमेरिकी उप-राष्ट्रपति डैन क्वेल और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री खालिदा जिया भी शामिल थे! दिल्ली में सूरज आग उगल रहा था। गर्मी को झेलते हुए शोकाकुल अपार जनसमूह दिल्ली की सड़कों से हिलने का नाम नहीं ले रही थी। सभी नम आंखों से अपने प्रिय प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दे रहे थे। इन्हीं सड़कों से पहले पंडित जवाहरलाल नेहरु , इंदिरा गांधी और संजय गांधी की शव यात्राएं निकलीं थीं। तब भी सड़कों पर इसी तरह से लाखों लोग खड़े थे। इसी मार्ग से महात्मा गांधी जी की भी शवयात्रा निकली थी। कहते हैं कि सैकड़ों लोग अपने घरों से अंत्येष्टि के लिए घी लेकर आए थे तथा हजारों ने अपने सिर मुंडवाए थे। सारा माहौल बेहद गमगीन था । शाम सवा पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंत्येष्टि शुरू हुई! श्रीमती सोनिया गांधी जी काला चश्मा लगाए अपने 20 वर्षीय बेटे राहुल और बेटी प्रियंका को संभाल रही थीं! राहुल ने चिता की सात परिक्रमाएं कीं , और फूल-चंदन-घी चढ़ाया और मुखाग्नि दी ! प्रियंका भी वहां मौजूद थीं । पूरा मंजर दिल दहला देने वाला था! चिता डेढ़-दो घंटे तक जलती रही थी और पूरी गर्मी के बावजूद हजारों लोग वहीं डटे रहे खड़े रहे! लोग ये भी बताते हैं कि अंत्येष्टि के बाद वहां से निकलते हुए बहुत से लोगों की आंखों से आंसू बह रहे थे! लोगों का यह भी मानना है की राजीव गांधी की शवयात्रा महात्मा गांधी के बाद सबसे बड़ी थी! इंदिरा और संजय की यात्राओं में भी भारी भीड़ थी, लेकिन राजीव की यात्रा में सड़कें पूरी तरह ठसाठस भरी थीं । आकाशवाणी के प्रसिद्ध न्यूज रीडर मेलविल डिमेलो ने बापू की शव यात्रा की सात घंटे लंबी लगातार कमेंट्री की थी! वे बताते थे कि गांव-गांव से लोग घी लेकर आए थे , सैकड़ों ने सिर मुंडवाए थे । राजीव की यात्रा भी उतनी ही भावुक और यादगार थी! राजीव जी ने भारत को आधुनिक बनाने की दिशा दी। उनकी बदौलत देश में कंप्यूटर क्रांति, पंचायती राज, और दूरसंचार क्षेत्र का विस्तार हुआ । श्री राजीव गॉधी की असामयिक हत्या देश के इतिहास का सबसे बड़ा turning point रहा है। राजीव जी के साथ साथ ही इस देश के सपने भी चले गये! मेरा यह भी मानना है कि यदि राजीव जी का असामयिक निधन नही हुआ होता तो आज हमारा देश नई ऊंचाइयों को छू रहा होता.... विनम्र श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: 21 मई 2026
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35वीं पुण्य तिथि 21 मई 2026 को मनाई गई। इस अवसर पर उनके परिजनों, राजनीतिक नेताओं और आम जनता ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके परिवार से, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि देने हेतु प्रेस संगोष्ठी और सामाजिक नेटवर्क पर पोस्ट साझा किए.
राजीव गांधी की पुण्यतिथि के आयोजन का मुख्य कार्यक्रम भारत के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। उदाहरण के लिए, कांग्रेस पार्टी ने ग्वालियर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करते हुए उनके योगदानों को याद किया.
राजीव गांधी को आधुनिक भारत का शिल्पकार माना जाता है। उन्होंने देश में सूचना एवं संचार क्रांति की नींव रखी और युवाओं के लिए मतदान करने की आयु 18 वर्ष करने जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके कार्यों में शिक्षा के क्षेत्र में नवोदय विद्यालयों की स्थापना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का गठन शामिल है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस दिन राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके विचारों और कार्यों को सराहा और युवा भारत के विकास में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया.
राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें राजनीतिक नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।




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