हमला गुरुवार 28 मई 2026 को
हैकर्स ने खुद को "HEXS02-BY" बताया
साइबर अटैक "ऑपरेशन-100" के हिस्से के रूप में
गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टेंडर प्रक्रियाएं, अन्य पृथक सर्वर पर होने के कारण बाधित नहींकानपुर: 29 मई 2026
कानपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट kmc.up.nic.in साइबर अटैक का शिकार हुई है। इस हमले के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और यहां तक कि कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएँ प्रभावित हुई हैं, जैसे कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, टेंडर प्रक्रिया और कर भुगतान।
हमला गुरुवार, 28 मई 2026 को हुआ, जब हैकर्स ने इस वेबसाइट को ठप कर दिया. हैकर ने खुद को "HEXS02-BY" के नाम से पहचाना और इसका जिक्र "ऑपरेशन-100" के हिस्से के रूप में किया.
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि महत्वपूर्ण कार्य, जैसे गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टेंडर प्रक्रियाएं, अन्य पृथक सर्वर पर होने के कारण बाधित नहीं हुई हैं.
प्रभाव
हैकिंग के कारण नगर निगम के ऑफिसियल ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बाधित हो गए हैं। इसके अंतर्गत विकास कार्यों से जुड़े टेंडर और ऑनलाइन प्रस्ताव भी शामिल हैं.
इसके चलते कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से संबंधित ऑनलाइन डेटा भी प्रभावित हुआ है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की टीम ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और इस पर आवश्यक सुधार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया. वरिष्ठ IT विशेषज्ञों की एक टीम भी मामले की निगरानी कर रही है.
कानपुर नगर निगम की वेबसाइट पर यह साइबर अटैक न केवल तकनीकी दृष्टि से गंभीर है, बल्कि इसके प्रशासनिक कार्यों और नागरिक सेवाओं पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं, लेकिन नागरिकों को इससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब NIC और संबंधित तकनीकी टीमें इस समस्या को जल्दी से हल करने की कोशिश कर रही हैं.
गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टेंडर प्रक्रियाएं, अन्य पृथक सर्वर पर होने के कारण बाधित नहींकानपुर: 29 मई 2026
कानपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट kmc.up.nic.in साइबर अटैक का शिकार हुई है। इस हमले के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और यहां तक कि कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएँ प्रभावित हुई हैं, जैसे कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, टेंडर प्रक्रिया और कर भुगतान।
हमला गुरुवार, 28 मई 2026 को हुआ, जब हैकर्स ने इस वेबसाइट को ठप कर दिया. हैकर ने खुद को "HEXS02-BY" के नाम से पहचाना और इसका जिक्र "ऑपरेशन-100" के हिस्से के रूप में किया.
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि महत्वपूर्ण कार्य, जैसे गृहकर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टेंडर प्रक्रियाएं, अन्य पृथक सर्वर पर होने के कारण बाधित नहीं हुई हैं.
प्रभाव
हैकिंग के कारण नगर निगम के ऑफिसियल ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बाधित हो गए हैं। इसके अंतर्गत विकास कार्यों से जुड़े टेंडर और ऑनलाइन प्रस्ताव भी शामिल हैं.
इसके चलते कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से संबंधित ऑनलाइन डेटा भी प्रभावित हुआ है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की टीम ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और इस पर आवश्यक सुधार करने का कार्य प्रारंभ कर दिया. वरिष्ठ IT विशेषज्ञों की एक टीम भी मामले की निगरानी कर रही है.
कानपुर नगर निगम की वेबसाइट पर यह साइबर अटैक न केवल तकनीकी दृष्टि से गंभीर है, बल्कि इसके प्रशासनिक कार्यों और नागरिक सेवाओं पर भी दुष्प्रभाव डाल रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं, लेकिन नागरिकों को इससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब NIC और संबंधित तकनीकी टीमें इस समस्या को जल्दी से हल करने की कोशिश कर रही हैं.




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