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सस्मित पात्रा राज्यसभा सांसद का भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा

1962 के भारत-चीन युद्ध मे जवाहरलाल नेहरू ने अमेरिकी समर्थन और CIA की मदद ली थी
सांसद सस्मित पात्रा ने इस बयान को "अपमानजनक" और "झूठा" बताया।
बीजेडी के सांसदों ने भी दुबे पर "ओडिशा की गरिमा का अपमान" करने का आरोप लगाया
बीजू पटनायक को प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, पायलट और नेता के रूप में सम्मान
कानपुर:29 मार्च 2026
सोशल मीडिया पोस्ट से
Narendra Nath Mishra@iamnarendranath
बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके विरोध में स्टैंडिंग कमिटी से बीजेडी राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा का इस्तीफ़ा। निशिकांत दुबे अपने अहंकार के कारण सरकार को अभी और मुसीबत में फसाएँगे।
8:04 AM · Mar 29, 2026
Shashi kushwaha@Srkms027 7h
@grok बीजेपी mp निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर क्या टिप्पणी किया था?
Arun Mishra@arunmishra69·6h
दरअसल, ये बहुत अच्छा है. मेरा मानना ​​है कि सभी विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस सदस्यों को उन स्थायी समितियों से इस्तीफा दे देना चाहिए जिनमें दुबे सदस्य हैं। वह सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार करने वाला सदस्य है.'
@RahulGandhi@priyankagandhi .@in_Amangupta · 7h
अगर @nishikant_dubey से @narendramodi जी का प्रेम खत्म नहीं हुआ तो यह बहुत समर्थकों को मोदी जी से दूर कर देगा। मुझे आजकल भाजपा से चिढ़ केवल इसके जैसे हल्के व्यक्तियों के कारण हो रही है। यह चापलूसी और घमंड में डूबा हुआ है बाकी अहंकार रावण का भी नहीं रहा।
Dilip k. yadav@Dilipkyadav3 ·5h
निशिकांत दूबे जी निहायत ही घटिया,धूर्त इंसान है। ये दुर्भाग्य है की,ऐसे लोगों का भाजपा में भरमार है और इनकी गिनती बीजेपी के नगीनों में है।
MUKESH AGARWAL@MUKESH041989·7h
आपके हिसाब से तो निशिकांत दुबे ने किताबों के माध्यम से जो नेहरू जी पर जो खुलासे किए हैं, उस हिसाब से तो पप्पू को तो लोकसभा सदस्यता से ही इस्तीफा दे देना चाहिए था !?!
Prakhar@PrakharShrigyan·7h
Shri Nishikant Dubey ka bhi time aa he Gaya hai
virus of venus@virusofvenus·7h
अरे मूर्ख, आपको क्या लगता है दुबे इतना बेवकूफ है जो बिना पार्टी के इजाजत एक शब्द भी बोल सकता है?
Vikash kumar @Vicky_pihu· 7h
सच बहुत तीखा होता है मिश्रा जी!! इसलिए निशिकांत दुबे सभी को बहुत चुभते है....
Bishwajit Bhattacharyaविश्वजीत भट्टाचार्य @bbjournalist ·7h
बिना बीजेपी नेतृत्व की मर्जी तो लिखा नहीं होगा। वैसे, बीजू बाबू की सभी नेता हमेशा क़द्र करते रहे हैं।
Hardik Trapasiya @Patel_Hardik14 ·5h
सुनने में आ रहा है कि .@sambitswaraj भी कल त्यागपत्र देने वाले है।
नई दिल्ली:29 मार्च 2026
बीजेडी के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थायी समिति (Communications and IT) से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा दुबे के बीजू पटनायक पर दिए विवादास्पद बयान के विरोध में उठाया गया, जिसमें उन्होंने पूर्व ओडिशा मुख्यमंत्री को नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के बीच "लिंक" बताया था।
27 मार्च 2026: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (समिति के चेयरमैन) ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान जवाहरलाल नेहरू ने अमेरिकी समर्थन और CIA की मदद ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे बीजू पटनायक नेहरू, अमेरिकी सरकार और CIA के बीच कड़ी के रूप में काम करते थे। दुबे ने चारबटिया एयर बेस (ओडिशा) का जिक्र भी किया, जिसे अमेरिकियों ने इस्तेमाल किया था।
28-29 मार्च 2026: बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने इस बयान को "अपमानजनक" और "झूठा" बताया। उन्होंने कहा कि वे अच्छे विवेक से किसी ऐसे व्यक्ति की अध्यक्षता वाली समिति में नहीं रह सकते, जो एक "राष्ट्रीय आइकन" के बारे में ऐसी टिप्पणी करते हैं। पात्रा ने इस्तीफा राज्‍यसभा सभापति को सौंपा और X (ट्विटर) पर भी घोषणा की।बीजेडी के तीन अन्य सांसदों — मनस मंगराज, सुभाषिस खुटिया और मुजीबुल्ला खान — ने भी दुबे पर "ओडिशा की गरिमा का अपमान" करने का आरोप लगाया।पात्रा ने कहा कि यह इस्तीफा सिद्धांत की बात है और वे बीजू पटनायक जैसे सम्मानित नेता पर ऐसी टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह ओडिशा और भारत के इतिहास का अपमान है।यह घटना ओडिशा की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि बीजू पटनायक को राज्य में एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, पायलट और नेता के रूप में बहुत सम्मान मिलता है। बीजेपी और बीजेडी के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए यह विवाद और गहरा सकता है। निशिकांत दुबे या भाजपा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है (जानकारी 29 मार्च 2026 तक की है)। यह मुद्दा संसद और ओडिशा की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है।

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