•इज़रायल के हवाई हमले में यमन प्रधानमंत्री अहमद गालेब अल-रहवी और कई अन्य मंत्री मारे गए।
• यह हमला हौथी नेतृत्व पर अब तक का सबसे बड़ा लक्षित हमला माना जा रहा है।
• इज़रायल ने ईरान-गठबंधन हौथी समूह के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया था।
• हौथियों ने बदला लेने की कसम खाई है और रक्षा मंत्री ने हमले को कुचलने वाला बताया
• अक्टूबर 2023 से गाजा में इज़रायली-हमास युद्ध के कारण हौथियों ने इज़रायल पर हमले किए हैं।कानपुर : 31 अगस्त 2025
सना, यमन | 28 अगस्त 2025 — इजरायल द्वारा यमन की राजधानी सना में किए गए हवाई हमले में हौथी सरकार के प्रधानमंत्री अहमद गालेब अल-रहवी और कई वरिष्ठ मंत्री मारे गए। यह हमला हौथी नेतृत्व पर अब तक का सबसे बड़ा और पहला लक्षित हमला माना जा रहा है।
• इज़रायल ने ईरान-गठबंधन हौथी समूह के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया था।
• हौथियों ने बदला लेने की कसम खाई है और रक्षा मंत्री ने हमले को कुचलने वाला बताया
• अक्टूबर 2023 से गाजा में इज़रायली-हमास युद्ध के कारण हौथियों ने इज़रायल पर हमले किए हैं।कानपुर : 31 अगस्त 2025
सना, यमन | 28 अगस्त 2025 — इजरायल द्वारा यमन की राजधानी सना में किए गए हवाई हमले में हौथी सरकार के प्रधानमंत्री अहमद गालेब अल-रहवी और कई वरिष्ठ मंत्री मारे गए। यह हमला हौथी नेतृत्व पर अब तक का सबसे बड़ा और पहला लक्षित हमला माना जा रहा है।
🔥 हमले की पुष्टि और प्रतिक्रिया
- हौथी सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख महदी अल-मशात ने शनिवार को पुष्टि की कि गुरुवार के हमले में कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए और अन्य घायल हुए।
- इजरायल ने कहा कि उसने ईरान-गठबंधन हौथी समूह के रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ स्टाफ और अन्य नेताओं को निशाना बनाया।
- रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अतिफी ने प्रधानमंत्री की मौत की पुष्टि के बाद बयान जारी किया कि समूह इजरायल का सामना करने को तैयार है।
🧠 राजनीतिक पृष्ठभूमि
- अल-रहवी को एक साल पहले प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था, लेकिन सरकार का संचालन उनके डिप्टी मोहम्मद मिफ्ताह करते थे।
- रहवी को हौथी नेतृत्व के आंतरिक घेरे का हिस्सा नहीं माना जाता था; वे पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के सहयोगी थे।
🌍 क्षेत्रीय संदर्भ
- अक्टूबर 2023 से गाजा में हमास के खिलाफ इजरायली युद्ध के बाद, हौथियों ने लाल सागर में जहाजों पर हमले किए और इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं।
- इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में यमन के हौथी-नियंत्रित क्षेत्रों पर कई हमले किए, जिनमें होदेइदाह बंदरगाह भी शामिल है।
🗣️ बयान और चेतावनी
- रक्षा मंत्री काट्ज़ ने इस हमले को "कुचलने वाला झटका" करार देते हुए कहा, "यह केवल शुरुआत है"।
- महदी अल-मशात ने टेलीविजन पर कहा, “हमारा रुख जस का तस है और तब तक बना रहेगा जब तक कि आक्रामकता समाप्त नहीं हो जाती और घेराबंदी नहीं हट जाती”।




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