ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

सिक्किम: नामची जिले में तीस्ता चरण-छह जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन समरडुंग सुरंग ढहने से 20 मजदूरों की मौत

हादसा सुरंग के भीतर अचानक धंसाव और गैस रिसाव के कारण हुआ बताया जा रहा है।
राहत और बचाव कार्य जारी हैं, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन मौके पर तैनात हैं।मृतकों में ज्यादातर प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं, जो बिहार और उत्तर प्रदेश से आए थे।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक व्यक्त किया है।
कानपुर: जुलाई 21, 2026
नामची : जुलाई 21, 2026
सिक्किम के नामची जिले में तीस्ता चरण-छह (Teesta Stage-VI) जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन समरडुंग सुरंग (Samardung Tunnel) ढहने से कम से कम 20 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 5 से अधिक मजदूर अभी भी भीतर फंसे हुए हैं। यह दर्दनाक हादसा सोमवार (20 जुलाई 2026) दोपहर को चट्टानों में फंसी मीथेन गैस के अचानक विस्फोट और उसके बाद हुए भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण हुआ। मलबे ने सुरंग के प्रवेश द्वार को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
हादसे से जुड़े मुख्य विवरण
घटना का स्थान: सिक्किम का नामची जिला, झोलुंगे का समरडुंग क्षेत्र।
परियोजना: नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) की तीस्ता स्टेज-VI परियोजना, जिसका सिविल कार्य पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है。
पीड़ितों की स्थिति: हादसे के वक्त कुल 27 लोग सुरंग में थे। इनमें से 2 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, 20 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं और बचे हुए लोगों को बचाने की कोशिशें जारी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियाँ
सुरंग के भीतर मीथेन गैस का भारी रिसाव हो रहा है, जिससे घना धुआं और जहरीली गैसें फैल गई हैं। इसके कारण बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) बेहद जोखिम भरा हो गया है। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और खान-सुरक्षा महानिदेशालय की विशेष टीमें गैस मास्क और आधुनिक उपकरणों की मदद से फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का लगातार प्रयास कर रही हैं।
सरकार द्वारा सहायता और जांच
मुआवजा: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी केंद्र की ओर से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है।
जांच: मुख्यमंत्री ने इस घटना के कारणों की पूरी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) और विशेषज्ञों की कमेटी का गठन किया है।

إرسال تعليق

0 تعليقات