ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

देश में सीधी लड़ाई 'संविधान' और 'संघ की विचारधारा' के बीच

सत्तारूढ़ दल और  मातृ संगठन  संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। 
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मैदान का कथित 'शुद्धिकरण' 
 शुद्धिकरण अनुष्ठान को खुले तौर पर छुआछूत और दलित समाज का अपमान करार दिया। 
भाजपा-आरएसएस के खिलाफ  वैचारिक लड़ाई चुनावों तक नहीं, बल्कि  दैनिक जीवन का हिस्सा है।

कानपुर:30 अगस्त 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 29 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) पर तीखा हमला बोला और कहा कि देश में सीधी लड़ाई 'संविधान' और 'संघ की विचारधारा' के बीच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल और उसका मातृ संगठन लगातार संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। 
प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु और विवाद की वजह
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस तीखे बयान के पीछे मुख्य कारण और उनके द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मैदान का कथित 'शुद्धिकरण' किया गया था। 
छुआछूत का आरोप: राहुल गांधी ने इस शुद्धिकरण अनुष्ठान को खुले तौर पर छुआछूत और दलित समाज का अपमान करार दिया। 
FIR की मांग: प्रधानमंत्री  और उत्तराखंड सरकार से दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तत्काल आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग की। 
दो विचारधाराओं की जंग: राहुल गांधी के अनुसार, एक तरफ डॉ. बी.आर. अंबेडकर का समानतावादी संविधान है और दूसरी तरफ संघ की जातिवादी सोच है। 
दैनिक संघर्ष: उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा-आरएसएस के खिलाफ उनकी यह वैचारिक लड़ाई केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके दैनिक जीवन का हिस्सा है।

إرسال تعليق

0 تعليقات