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सर्वोच्च न्यायालय: संजय कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य : आपराधिक मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 03 सितंबर, 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश :

अलग दृष्टिकोण पर अपीलीय अदालत को  हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
आपराधिक मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 03 सितंबर, 2026 को महत्वपूर्ण आदेश किया जारी

कानपुर:3 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 3 सितम्बर 2026
संजय कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य (Sanjay Kumar v. State of Himachal Pradesh) आपराधिक मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 03 सितंबर, 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और कानूनी सिद्धांत इस प्रकार हैं:मामले का विवरण:
केस का नाम: संजय कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य
केस संख्या: आपराधिक अपील संख्या 1108/2016
पीठ : माननीय न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और माननीय न्यायमूर्ति अतुल एस. चांदुरकर
निर्णय तिथि: 03 सितंबर, 2026
न्यायालय का मुख्य कानूनी सिद्धांत
इस मामले में आदेश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय अदालतों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत को दोहराया है:
बरी करने के फैसले को पलटने का नियम: कोई भी अपीलीय अदालत निचली अदालत द्वारा आरोपी को बरी किए जानेके फैसले को तब तक नहीं पलट सकती, जब तक कि वह यह न पाए कि निचली अदालत का निष्कर्ष पूरी तरह से विकृत, असंभव या रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के विपरीत था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि निचली अदालत का निर्णय साक्ष्यों के आधार पर तार्किक है, तो केवल एक अलग दृष्टिकोण संभव होने के आधार पर अपीलीय अदालत को आरोपी को बरी करने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

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