ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

सुप्रीम कोर्ट: पर्यावरण संरक्षण में और केंद्रीय निकायों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की रिपोर्टों और नियमों पर केंद्र व राज्य सरकारों को कड़े निर्देश

प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के पास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इकाइयों पर जुर्माना लगाने का अधिकार  केंद्र सरकार द्वारा तय  स्पष्ट नियमों और दिशानिर्देशों  के तहत होनी चाहिए। 
नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों को बंद करना और बिजली-पानी की आपूर्ति रोकना।

कानपुर:6 सितम्बर 2026
नई दिल्ली: 6 सितम्बर 2026
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और केंद्रीय निकायों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB/SPCB) की रिपोर्टों और नियमों के आधार पर केंद्र व राज्य सरकारों को लगातार कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में हाल ही में हुए प्रमुख फैसले और निर्देश निम्नलिखित हैं:
 सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के मुख्य निर्देशप्रदूषण हॉटस्पॉट पर तुरंत कार्रवाई: हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर सहित पड़ोसी राज्यों को प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान देने और नियमों का पालन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ 'ज़ीरो-टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) नीति अपनाने का सख्त निर्देश दिया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम 2026: सुप्रीम कोर्ट ने नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई राज्य या स्थानीय निकाय इन नियमों का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो उनके खिलाफ बिजली और पानी की आपूर्ति काटने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। 
जवाबदेही और बुनियादी ढांचा बढ़ाना: सुप्रीम कोर्ट ने रेखांकित किया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) कर्मचारियों की कमी, अप्रयुक्त फंड और खराब प्रवर्तन के कारण प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट ने राज्यों को इन विभागों में खाली पदों को तुरंत भरने और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने का आदेश दिया है। 
पर्यावरणीय मुआवजा (Environmental Compensation): सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के पास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इकाइयों पर जुर्माना लगाने का अधिकार है, लेकिन यह कार्रवाई मनमाने ढंग से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए स्पष्ट नियमों और दिशानिर्देशों (Rules) के तहत होनी चाहिए। 
प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की शक्तियां और जिम्मेदारियां
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्टों के आधार पर प्रशासन को निम्नलिखित क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार है:
औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों को बंद करना और उनकी बिजली-पानी की आपूर्ति रोकना।
वायु गुणवत्ता (AQI) प्रबंधन: सर्दियों के मौसम से पहले दिल्ली-एनसीआर में GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत कचरा जलाने और वाहनों के उत्सर्जन पर निगरानी बढ़ाना।
कचरा प्रबंधन की ऑनलाइन ट्रैकिंग: ठोस अपशिष्ट और खतरनाक कचरे के निपटान की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी करना। 
x

إرسال تعليق

0 تعليقات