आर्थिक अपराधियों की सूची मे कैसे विजय माल्या
6,203 करोड़ रुपये के कर्ज
14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली
बैंक और ईडी ने दोगुने से अधिक का कर्ज कैसे वसूला
माल्या का कर्ज आर्थिक अपराध सहित राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक विमर्श का भी हिस्सा
नई दिल्ली:19 दिसंबर, 2024
विजय माल्या का आर्थिक अपराघ भारतीय वित्तीय प्रणाली का महत्वपूर्ण विचार विर्मश का केन्द्र है। विजय माल्या से बैंकों द्वारा वसूली गई राशि पर प्रश्न् है । विजय माल्या के अनुसार बैंकों ने कर्ज वसूली न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारित 6,203 करोड़ रुपये के कर्ज के सापेक्ष दोगुने से अधिक कुल 14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली की है. इसलिये राहत का हकदार है और मांग करता रहेगा। जब तक बैंक और ईडी कानूनी रूप से यह साबित नहीं करते हैं कि उन्होंने दोगुने से अधिक का कर्ज कैसे वसूला है
वित्त मंत्री ने लोकसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुये हुए कहा कि विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लौटा दिया गया है। और कुल मिलाकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने माल्या की विभिन्न संपत्तियों से वसूली की 22,280 करोड़ रुपये की वसूली सरकार की प्रतिबद्धता का अंश है । मंगलवार को लोकसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुये हुए वित्त मंत्री के अनुसार माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लौटा दी गई है।
स्थिति यह स्पष्ट नही कर पा रही है कि वर्तमाान मे विजय माल्या आर्थिक अपराधी हैं या नहीं। माल्या अपने को निर्दोष बताते हुए कहते हुये कि है कि उन्होंने कभी भी कर्ज का पैसा नहीं चुराया और सभी आवश्यक भुगतान किए हैं.
विजय माल्या का मामला केवल एक आर्थिक अपराध सहित राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक विमर्श का भी हिस्सा बन चुका है। उनके दावे और सरकार की प्रतिक्रिया पर सरकार का कानूनी स्पष्टीकरण आवश्यक है ।
मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया माल्या किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में कई बैंकों की मदद से वांछित आर्थिक अपराधियों की सूची मे है ।भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.
स्थिति यह स्पष्ट नही कर पा रही है कि वर्तमाान मे विजय माल्या आर्थिक अपराधी हैं या नहीं। माल्या अपने को निर्दोष बताते हुए कहते हुये कि है कि उन्होंने कभी भी कर्ज का पैसा नहीं चुराया और सभी आवश्यक भुगतान किए हैं.
विजय माल्या का मामला केवल एक आर्थिक अपराध सहित राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक विमर्श का भी हिस्सा बन चुका है। उनके दावे और सरकार की प्रतिक्रिया पर सरकार का कानूनी स्पष्टीकरण आवश्यक है ।
मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया माल्या किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में कई बैंकों की मदद से वांछित आर्थिक अपराधियों की सूची मे है ।भारत सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है.




ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق