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الجمعة، 13 يونيو 2025

सोने की भारत मे कीमतो सहित दुनियाभर मे उतार चढाव के चलते ₹90000 के स्तर पर रोक की संभावना :अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कम करने पर सहमति और मुनाफा वसूली कारण

  • सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है,
  • $3,440 के स्तर केआसपास उतार−चढ़ाव के साथ
  • $3,440 और $3,370 महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर हैं।
  • पिछले 15 महीनों में सोने की कीमतों में 76.4% की वृद्धि
  • भारत में सोने की कीमतों में गिरावट ₹95,726 से घटकर ₹92,301
  • अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता और अमेरिकी डॉलर की मजबूती प्रमुख कारक हैं।
  • तस्करी के जब्त सोने को राष्ट्रीय भंडार में शामिल करने  से अवैध व्यापार को रोक 
कानपुर :13 जून 2025
12 जून, 2025, नई दिल्ली:
सोने की कीमतों के कारोबार  में पिछले कुछ समय में XAU/USD (यह  अमेरिकी  डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत पर आधारित) ने महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव है। सोने की कीमत  $3,440 के स्तर पर है, 
सोने की कीमतें कुछ मुख्य तकनीकी स्तरों के आसपास उतार चढाव हैं सोने ने $3,340 और $3,370 के स्तर पर प्रतिरोध का सामना किया है.  मौजूदा बाजार और तकनीकी चार्ट इन स्तरों के आसपास की गतिविधियों को प्रदर्शित कर रहे हैं।सोने की कीमतें यदि $3,440 से नीचे जाती हैं, तो निकटतम समर्थन $3,340  है.
पिछले 15 महीनों में सोने की कीमत में लगभग 76.4% की वृद्धि हुई है और $3,500 का स्तर इस बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए चुनौती है. विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में समायोजन कीमतें $3,340 और $3,350 के बीच हो सकती हैं.
बाजार  अमेरिकी डॉलर और राजकोषीय नीतियों के संबंध  में मुख्य चिंताएं हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकती है, निवेशक आर्थिक संकेतों और नीतिगत अपडेट्स पर नजर रख रहे हैं.
XAU/USD ने $3,440 पर अपना अपट्रेंड फिर से शुरू किया है, और भविष्य में $3,340 और $3,370 के स्तर को तोड़ने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, यदि कीमतें इन स्तरों को बनाए नहीं रख पाती हैं, तो एक नीचे की ओर समायोजन का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों को मौजूदा आर्थिक स्थितियों और बाजार प्रवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी से निर्णय लेना चाहिए.
भारत में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। 9 मई 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹95,726 थी, जो 17 मई 2025 को घटकर ₹92,301 हो गई। यानी ₹3,425 की गिरावट आई है।
सोने की कीमत ₹90,000-₹89,000 तक गिर सकती है। इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और यूएस-चीन व्यापार समझौते जैसे कारण हैं।
सोने की मौजूदा तेजी अब थोड़ी थमने वाली है. ₹90,000 से ₹99,000 तक की तेजी सिर्फ एक ‘बबल फेज’ थी, जिसमें डर की वजह से निवेशकों ने खरीदारी की. अब सोना MCX पर ₹88,000–₹89,000 और Comex पर $2,950–$3,000 तक गिर सकता है.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9 जून 2025 को बताया कि 3.4 मीट्रिक टन तस्करी किए गए सोने को Security Printing and Minting Corporation of India Limited (SPMCIL) द्वारा रिफाइंड किया गया और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को सौंप दिया गया
सरकार ने 2024-25 में जब्त किए गए सोने को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय भंडार में शामिल करने की प्रक्रिया को मजबूत किया है। SPMCIL ने इस सोने को शुद्ध कर सोने के बिस्कुट बनाए, जिनकी कुल कीमत ₹3551.40 करोड़ आंकी गई है।
2023-24 में 4,869 किलोग्राम तस्करी किया गया सोना जब्त किया गया था, जिसमें म्यांमार बॉर्डर प्रमुख तस्करी मार्ग के रूप में  चिन्हित किया गया है। यह कदम अवैध व्यापार को रोकने और राष्ट्रीय सोने के भंडार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
भारत और पाकिस्तान के बीच 12 मई 2025 को  युद्धविराम की घोषणा के बाद क्षेत्रीय तनाव में कमी आई है. इससे निवेशकों ने सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनानी शुरू की हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में गिरावट आई और कीमतें घटी हैं.
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 4.5% से ऊपर जाने के कारण सोने की कीमतों पर दबाव  है. डॉलर की मजबूती से सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है और कीमतें गिरती हैं.
अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कम करने पर सहमति बनने से वैश्विक व्यापार तनाव में कमी आई है. इससे निवेशकों ने जोखिम भरे परिसंपत्तियों की ओर रुख करने से सोने की मांग में गिरावट आई और कीमतें गिरीं हैं.
सोने की कीमतें अप्रैल 2025 में ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई थीं. अब निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू की, जिससे बाजार में बिकवाली बढ़ी और कीमतों गिर रही हैं.
दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी के कारण निवेशकों ने सोने से पैसा निकालकर शेयरों में निवेश करना शुरू किया, जिससे सोने की मांग में गिरावट आई और कीमतें कम हुईं हैं.

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