गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़े को मंत्रिमंडल से हटाने का निर्णय
मंत्रिमंडल में किसी फेरबदल की संभावना को भी खारिज किया है।
गोवा सरकार पर आदिवासियों के विकास के पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप
गोविंद गौड़े की बर्खास्तगी राजनीतिक यात्रा में महत्वपूर्ण मोड़
पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जताई है, बावजूद इसके कि उन्हें बर्खास्त किया गया है।
कानपुर 21 जून 2025
20 जून 2025 गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़े को राज्य मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला उनका है।
गोवा के मुख्यमंत्री सावंत ने इस फैसले के कारण के बारे में नहीं बताया। यहां 'मंत्रालय' (राज्य सरकार के सचिवालय) के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में सावंत ने फिलहाल मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना से इनकार किया।
बीजेपी मंत्री ने अपनी ही गोवा सरकार पर आदिवासियों के विकास के नाम पर जमकर रिश्वतखोरी करने का आरोप लगाया है। गुजरात से लेकर गोवा तक बीजेपी सरकारें हर जगह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं
बीजेपी मंत्री द्वारा गोवा सरकार पर आदिवासियों के विकास के नाम पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए जाना चिंता का विषय है। इस प्रकार के आरोप सरकार की साख को प्रभावित कर आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करते हैं। भाजपा की सरकारें गुजरात से लेकर गोवा तक शासन कर रही हैं, ऐसी भ्रष्टाचार की घटनाएं उनके विकास कार्यों पर सवाल उठाती हैं। विकास और भ्रष्टाचार एक साथ नहीं चल सकते; विकासकर्ताओं का उद्देश्य सचमुच जनता की भलाई है तो पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करना आवश्यक है। लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक ईमानदारी और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, सभी वर्गों विशेषकर आदिवासी समुदाय के लोगों का समुचित विकास हो सके। ऐसे आरोपों की त्वरित और निष्पक्ष जांच कराना एवं दोषियों के विरुद्ध शक्तिशाली कार्रवाई कर भविष्य में इस प्रकार की कुरीतियों को रोक देश की जनता का भरोसा बनाना चाहिये ।बर्खास्त गोवा के कैबिनेट मंत्री गोविंद गावडे विवादास्पद स्थिति में हैं। उन्हें उनके पार्टी द्वारा बर्खास्त किया गया है, उन्होंने यह कसम खाई है कि वे भाजपा के लिए एक कट्टर सिपाही बने रहेंगे। यह स्थिति उनके लिए राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, और कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें पार्टी द्वारा 'उपयोग और फेंकने' की धारा के अंतर्गत देखा जा रहा है.
गावडे की राजनीतिक यात्रा में बर्खास्तगी बड़ा झटका है, इससे उनकी राजनीति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने राजनीतिक स्थिति को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है, बावजूद इसके कि उनकी पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है.
गोविंद गावडे की स्थिति एक महत्वपूर्ण एक तरफ वे भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा दर्शा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी राजनीतिक पहचान और भविष्य पर प्रश्नचिह्न हैं।




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