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الخميس، 5 يونيو 2025

सुप्रीम कोर्ट की राष्ट्रपति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया की आरम्भ

सरकार सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर मुद्दे पर सहमति बना रही है ।
सरकार को 21 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र 2 मे महाभियोग पेश करना है
राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश
न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों का उचित समाधान आवश्यक
कानपुर 4 जून, 2025, 
4 जून, 2025,  नई दिल्ली: केंद्र सरकार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ संसद के मानसून सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाएगी. सरकार ने  प्रक्रिया आरम्भ कर दी है। न्यायमूर्ति वर्मा पर उनके सरकारी आवास से मिले भारी मात्रा में जले हुए नोटों के आरोपों के संदर्भ में की जा रहीहै। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की थी, जिसके परिणामस्वरूप सरकार सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर मुद्दे पर सहमति बना रही है । केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा एक सहयोगात्मक प्रयास के रूप में देखी जा रही है और छोटे दलों से संपर्क करने की योजना सभी पार्टियों को इस मुद्दे पर एक साथ आने के लिए प्रेरित किया है ।
सरकार को आगामी 21 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र 2 मे महाभियोग प्रस्ताव को पेश करना है जस्टिस वर्मा के खिलाफ की गई जांच ने उन्हें दोषी ठहराया है, जिससे महाभियोग की प्रक्रिया प्रस्तावित है ।
केंद्रीय मंत्री ने के अनुसार सभी राजनीतिक दलों के लोकसभा और राज्यसभा के नेताओं के साथ बात की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस मुद्दे पर सभी दलों का समर्थन मिल सके। यह मुद्दा राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण के साथ न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी भेजेगा।
सरकार की कोशिश है कि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर महाभियोग की प्रक्रिया में शामिल हों यह सुनिश्चित करे कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों का उचित समाधान किया जा सके।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में आग लग गयी. वर्मा जी दिल्ली से बाहर थे. उनके परिवार वालों ने आग बुझाने के लिए फ़ायर ब्रिगेड को फ़ोन लगाया. मामला हाइकोर्ट के जज के घर का था तो बड़ी संख्या में पुलिस बल भी आई. आग बुझाने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से घर की जांच हुई तो एक पूरा कमरा नोटों से भरा मिला. सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा को वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने का फरमान सुना दिया. पैसा खाकर ना जाने इस जज ने कितने गलत फैसले दिए होंगे.

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