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الأحد، 30 نوفمبر 2025

नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय आरोपपत्र पर आदेश की तिथि 16 दिसंबर तक स्थगित

•अदालत ने नेशनल हेराल्ड आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के आदेश को 16 दिसंबर तक टाला
• सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर साजिश और धन शोधन का आरोप है।
• आरोप लोगों ने लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिग्रहण किया।
• संज्ञान लेने से पहले सभी आरोपियों को सुनने का अधिकार है।
• मामले की सुनवाई 16 दिसंबर को अदालत इस पर अपना निर्णय सुनाएगी।
कानपुर 29 नवंबर 2025
नई दिल्ली:29 नवंबर 2025: दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के आदेश को शनिवार को टाल दिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आदेश की तिथि 16 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। ईडी ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर साजिश और धन शोधन का आरोप लगाया है। ईडी का कहना है कि इन लोगों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिग्रहण किया। इसके अलावा, आरोप लगाया गया है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसने 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले में एजेएल की संपत्ति को "धोखाधड़ी" से हड़प लिया। न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को सुनने का अधिकार सुनिश्चित किया, जो निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है। सुनवाई अब 16 दिसंबर को होगी, जब अदालत इस पर अपना निर्णय सुनाएगी। इस मामले को एक बड़ी 'आर्थिक साजिश' के रूप में देखा जा रहा है, जबकि गांधी परिवार ने आरोपों को 'अजीब' बताया है।

दिल्ली की एक अदालत ने ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र (चार्जशीट) पर संज्ञान लेने के अपने आदेश को 16 दिसंबर तक टाल दिया है। अदालत अभी यह निर्णय नहीं ले रही कि ईडी की चार्जशीट पर आगे कार्रवाई शुरू हो या नहीं।
ईडी ने इनपर साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं,
सोनिया गांधी
राहुल गांधी
दिवंगत मोतीलाल वोरा स्वर्गीय मोतीलाल वोरादिवंगत ऑस्कर फर्नांडीस
सुमन दुबे
सैम पित्रोदा
यंग इंडियन कंपनी
इन लोगों ने एजेएल (Associated Journals Ltd.) की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति गलत तरीके से हासिल की।
ईडी का कहना है कि गांधी परिवार के पास यंग इंडियन में 76% हिस्सेदारी है।
यंग इंडियन ने कथित रूप से 90 करोड़ रुपये के ऋण के बदले एजेएल की संपत्ति को धोखाधड़ी से हड़प लिया।
न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि—आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से पहले सभी आरोपियों को सुना जाना ज़रूरी है।यह निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है।
अगली तारीख -अगली सुनवाई और निर्णय 16 दिसंबर को होगा।

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