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الاثنين، 17 نوفمبر 2025

मैथिली ठाकुर बिहार की सबसे युवा विधायक: 25 वर्षीय शास्त्रीय और लोक गायिका

अलीनगर सीट पर भा.ज.पा. उम्मीदवार के रूप में शानदार जीत हासिल की
राजद के उम्मीदवार बिनोद मिश्रा को 11,730 वोटों के अंतर से हराया
मैथिली ठाकुर को कुल 84,915 वोट मिले जबकि बिनोद मिश्रा को 73,185 वोट मिले
उन्होंने शिक्षा सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास, और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।

कानपुर 17 नवंबर 2025
पटना: 17नवंबर 2025 
मैथिली ठाकुर ने बिहार विधानसभा चुनाव में अलीनगर सीट पर जीत हासिल कर ली है, जिससे वह देश की सबसे युवा विधायक बन गईं। उन्होंने राजनीति के मंच पर भी कमाल कर दिखाया है, जिससे युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं दोनों को आकर्षित किया। इस जीत के बाद, मैथिली ठाकुर ने अपने लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की उम्मीद बताई है और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की योजना लागी है
मैथिली ठाकुर एक 25 वर्षीय शास्त्रीय और लोक गायिका, ने हालिया बिहार विधानसभा चुनावों में अलीनगर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के उम्मीदवार के रूप में शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार बिनोद मिश्रा को 11,730 वोटों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ, वह 21वीं सदी में बिहार की पहली विधायिका बनीं, जो एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मैथिली ठाकुर की जीत का न केवल राजनीतिक महत्व है, बल्कि यह उनकी व्यक्तिगत यात्रा का भी प्रतीक है। उनका जन्म 25 जुलाई 2000 को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था, और उन्होंने अपना शिक्षा और संगीत का सफर परिवार से ही शुरू किया, जहां उनके पिता एक संगीत शिक्षक हैं.
विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 243 सीटों में से 202 सीटों पर जीत दर्ज करके नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार को फिर से स्थापित किया।
मैथिली ठाकुर ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न मौकों पर बिनोद मिश्रा के खिलाफ एक मजबूत स्थिति बनाई। पहले राउंड में ही उनकी बढ़त स्पष्ट थी, और जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, उनकी जीत लगभग सुनिश्चित हो गई। अंततः, उन्हें कुल 84,915 वोट मिले, जबकि बिनोद मिश्रा को 73,185 वोट मिले。
अपने चुनावी अभियान के दौरान, मैथिली ने अलीनगर का नाम बदलकर सीतानगर करने का प्रचार किया, जिससे उनके स्थानीय विरासत के प्रति सम्मान प्रकट होता है। उन्होंने शिक्षा सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास, और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।
ठाकुर ने अपने संबंधित क्षेत्र के लोगों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए कई स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने खुद को "मिथिला की बेटी" के रूप में पेश किया और अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास के लिए संघर्ष करने का वादा किया। यह संदेश विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत प्रभावी रहा।
मैथिली ठाकुर की संगीत यात्रा भी बहुत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने कई रियलिटी शो में भाग लिया और अपने अद्भुत गायन के लिए पहचान बनाई। 2017 में उन्होंने राइजिंग स्टार में रनर-अप का स्थान हासिल किया, जिससे उनकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई।
मैथिली ठाकुर की जीत ने न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा को निरूपित किया है, बल्कि यह दिखाता है कि युवा और प्रतिभाशाली लोग बिहार की राजनीति में एक सशक्त स्थान बना सकते हैं। उनके द्वारा किए गए वादे और संघर्ष अलीनगर और बिहार की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।, मैथिली ठाकुर की कहानी एक प्रेरणा सा रूप लेती है, जो यह दर्शाती है कि कठिनाईयों और चुनौतियों के बावजूद, व्यक्ति अपनी मेहनत और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।
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