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الثلاثاء، 25 نوفمبر 2025

इथियोपिया ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उत्पन्न राख गुबार का भारत के वायुमंडल में दस्तक

राख समुद्र तल से 15,000 से 45,000 फीट की ऊंचाई पर उपस्थित
लगभग 100-150 किमी/घंटा की गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है
राख का गुबार चीन की तरफ बढ़ रहा है और भारत में असर को महसूस किया जा रहा है
राख का गुबार भारत में मंगलवार की शाम तक पूरी तरह निकल जाने की उम्मीद
ऊंचाई पर होने के कारण सामान्य वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव नहीं
कानपुर 25 नवंबर 2025
इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में स्थित हायली गुब्बी नाम का एक ज्वालामुखी रविवार की सुबह फटा. स्मिथसोनियन संस्थान के ग्लोबल वोल्कैनिज़्म प्रोग्राम के मुताबिक, ये ज्वालामुखी 12,000 सालों में पहली बार फटा है. इससे घना धुआं 14 किलोमीटर ऊँचाई तक आकाश में उठता दिखाई दिया. इसकी वजह से भारत में भी कई उड़ाने रद्द की गई हैं.
इथियोपिया के हायली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद उत्पन्न राख का गुबार वर्तमान में भारत के वायुमंडल में दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह राख समुद्र तल से 15,000 से 45,000 फीट की ऊंचाई पर उपस्थित है और लगभग 100-150 किमी/घंटा की गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
विभिन्न मौसम एजेंसियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह राख का गुबार अब चीन की तरफ बढ़ रहा है और भारत में इसके असर को महसूस किया जा रहा है। विशेषकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में किस तरह का प्रभाव पड़ा है, इस पर कई स्थानों का एयर गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के ऊपर चला गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है
मौसम वैज्ञानिक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि यह राख का गुबार मंगलवार शाम तक (7:30 बजे तक) पूरी तरह भारत से बाहर निकल जाएगा उन्होंने यह भी पुष्टि की है कि इसे ऊंचाई पर होने के कारण, यह सामान्य वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन उड़ानों में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
दिल्ली में ज्वालामुखी की राख का असर दृश्यता पर साफ़ देखा जा सकता है और कई उड़ानें अन्य मार्गों पर डायवर्ट या रद्द की गई हैं
इथियोपिया के ज्वालामुखी से उत्पन्न राख का गुबार भारत में मंगलवार की शाम तक पूरी तरह निकल जाने की उम्मीद है, और इससे वायु गुणवत्ता पर कोई गंभीर खतरा नहीं है, जबकि उड़ान संचालन में बाधाएँ आ सकती हैं

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