242 वेबसाइटें ब्लॉक: 16 जनवरी 2026 तक कुल 7,800+ प्लेटफॉर्म बंद।
अधिनियम पारित: प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025
मनी गेम्स (रियल मनी गेमिंग) पर पूर्ण प्रतिबंध; ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा।
दंड: मनी गेम्स ऑफर करने पर 3 साल तक की जेल + ₹1 करोड़ तक जुर्माना; विज्ञापन पर सजा।
युवाओं को वित्तीय/सामाजिक जोखिमों से बचाना उद्देश्य
कानपुर 16 जनवरी 2026
नई दिल्ली: 16 जनवरी 2026:भारत सरकार ने 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को ब्लॉक करने की कार्रवाई की है, जो ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम के तहत की गई है। यह अधिनियम 21 अगस्त 2025 को संसद में पारित हुआ था और इसका उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग से जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करना है .ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 का सारांश
इस अधिनियम के अंतर्गत: ऑनलाइन गेमिंग को श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें ई-स्पोर्ट्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ऑनलाइन मनी गेम्स शामिल हैं। ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है2.
दंड का प्रावधान: ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश करने पर अधिकतम तीन वर्ष की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, प्रतिबंधित खेलों का विज्ञापन करने पर भी दंड का प्रावधान है.
प्रत्येक खेल को पंजीकरण कराने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का नियामक प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा, जो इस बात का निर्धारण करेगा कि कौन से गेम मनी गेम के रूप में योग्य हैं.
पुलिसी नजरिया
सरकार की इस कार्रवाई के पीछे एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं और सामान्य जनता को वित्तीय और सामाजिक जोखिमों से सुरक्षित रखा जाए। इस अधिनियम का एक अन्य पहलू यह है कि यह अवैध जुआ और मनी लॉन्ड्रिंग को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाता है .
ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 देश में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को विनियमित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य अवैध सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ कार्रवाई करना और समाज में ऑनलाइन गेमिंग के खतरों को नियंत्रित करना है। इससे न केवल युवा पीढ़ी को लाभ होगा, बल्कि इसे सुरक्षित गेमिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक रचनात्मक वातावरण प्रदान करने की भी उम्मीद है .


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