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الأحد، 1 ديسمبر 2024

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेतागण इन्डिया गठबन्धन ने संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से नेता प्रतिपक्ष और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों मिलने पर रोक लगाने पर उठाये सवाल

प्रदेश सरकार सच को छिपाने और अराजकता को बढाने का काम कर रही है । देश की जनता देख रही है आने वाले  चुनावो मे  इन्डिया गठबन्धन के पक्ष मे मत डाल कर न्याय करेगी । राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी व नेतागण इन्डिया गठबन्धन 

लखनऊ: 1 दिसंबर, 2024,

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेतागण इन्डिया गठबन्धन ने शनिवार को संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने के लिए जाने वाले नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की नजरबंदी पर उठाए सवाल ।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करने तानाशाही व्यवहार करने और संविधान की हत्या के गम्भीर आरोप लगाये है। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य में "आपातकाल जैसी स्थिति" है अन्याय और अत्याचार की सरकार हैं।


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेतागण इन्डिया गठबन्धन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेतागण इन्डिया गठबन्धन ने संभल हिंसा में मृत व्यक्तियों के परिवारों को 25 लाख रुपये पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग करते हुए लापरवाही के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित करने और कानूनी मुकदमा चलाने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष व विपक्ष के नेताओ ने विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता, सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक रविदास मेहरोत्रा ​​नजरबंद करने की आलोचना की। उन्होंने कहा, सरकार इन्डिया गठबन्धन के  नेताओं को संभल पहुंचने से रोक कर आम जनता की आवाज को दबा रही है । 
 प्रशासन  अपने कुकृत्यों को छिपाने और जनता के आक्रोश को दबाने का प्रयास कर रहा  है । संभल के जिला प्रशासन ने 10 दिसंबर, 2024 तक बिना पूर्व अनुमति के बाहरी लोगों और जनप्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगा दिया है। इस प्रतिबंध की निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बताया व अशांति के लिए जिला प्रशासन सरकार को जिम्मेदार ठहराया। , "प्रतिबंध संभल तक ही सीमित हैं, तो राज्य में इन्डिया गठबन्धन के  नेताओं को उनके घरों पर नजरबन्द क्यों रखा गया है? यह अघोषित आपातकाल है" उन्होंने जनकल्याण के बजाय विभाजनकारी नीति को प्राथमिकता की आलोचना की और राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय से न्याय सुनिश्चित करने तथा इन्डिया गठबन्धन के कार्यकर्ताओ से सांप्रदायिक सद्भाव को प्रख्यापित करने व कराने का अनुरोध किया।
नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से स्थानीय अधिकारियों समाजिक कार्यकताओ, पीडीतो व परिजनो, साक्ष्यो और चश्मदीदो से प्राप्त जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया गया था ।
प्रदेश सरकार सच को छिपाने और अराजकता को बढाने का काम कर रही है । देश की जनता देख रही है आने वाले  चुनावो मे इन्डिया गठबन्धन के पक्ष मे मत डाल कर न्याय करेगी ।

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