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الأحد، 8 ديسمبر 2024

कानपुर जिले के साढ़ कस्बे में स्थित बिनागवां गांव में गर्ल फ्रैन्ड को गिफ्ट देने पर हुए विवाद के बाद युवक ने की आत्महत्या

कानपुर जिले  के साढ़ कस्बे में स्थित बिनागवां गांव में युवक ने गर्ल फ्रैन्ड से रात भर फोन पर बात करने के बाद शनिवार सुबह  फांसी लगा  की आत्महत्या.

कानपुर नगर 8 दिसंबर, 2024
कानपुर: कानपुर में युवक ने गर्ल फ्रैन्ड से  फोन पर रात भर बात करने के बाद शनिवार 7 दिसंबर सुबह  घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर  फांसी लगा आत्महत्या की. घटना   कानपुर जिले  के साढ़ कस्बे में स्थित बिनागवां गांव की है।

युवक ने  शनिवार 7 दिसंबर  फांसी लगा आत्महत्या 
मृतक की पहचान बिनागवां गांव के किसान नंद लाल कश्यप का बेटा जीतू 19  के रुप मे हुयी। पिता के अनुसार वह लॉरी ड्राइवर का काम करता था और नियमित रूप से  चाची के घर जाता था, जहां उसका एक स्थानीय लड़की के साथ संबंध  हो गया।  जीतू पिछले तीन महीनों से अपनी लॉरी नहीं चला रहा था और लड़की से मिलने के लिए अक्सर आता था। लड़की की सगाई कहीं और हो गयी थी और उसकी शादी 10 दिसंबर को होनी है। 
परिवार के अनुसार  आपत्ति के बाद मृतक ने दो दिन पहले लड़की को आभूषण, 40,000 रुपये नकद और एक महंगा मोबाइल फोन दिया था। जो  वापस करने से इनकार कर रही है। जीतू ने सामान वापस लाने का आश्वासन दिया । जीतू ने लड़की से सामान लेने का प्रयास किया, उसके परिवार ने गहने और पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह 4 बजे तक लड़की से फोन पर बात करने के बाद, वह शौच के बहाने अपने घर से निकल गया। 
सुबह लगभग सात बजे स्थानीय निवासियों ने एचपी गैस एजेंसी के पास एक पेड़ से  शव लटका हुआ पाया। पुलिस अधिकारियों और एक फोरेंसिक टीम ने शव बरामद करने के बाद सबूत जुटाए व जांच करने पर, पुलिस ने मोबाइल  पर युवक और लड़की के कॉल रिकॉर्ड मे लम्बे समय से लम्बी बातचीत का विवरण प्राप्त किया है ।थानाध्यक्ष गौतम सिंह के अनुसार  आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और औपचारिक प्रर्थना पत्र प्राप्त होने के बाद करेगी।
गांव भारत के दिल कहे जाते हैं. आज भी भारत की अधिकतर आबादी गांवों में रहती है और गांव हमारी अर्थव्यवस्था  हैं. कृषि प्रधान देश कहे जाने वाले भारत में 6 लाख 28 हजार के आस-पास गांव हैं. इसमें उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा  1 लाख 7 हजार से ज्यादा गांव हैं । गाँवों में आत्महत्या  एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है, आमतौर पर युवाओं और गरीब परिवारों में  आर्थिक कठिनाइयाँ, मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएँ, परिवारिक तनाव और सामाजिक असमानता के कारण आत्म हत्याये होती है । जीतू द्वारा आत्महत्या भी उसी मे एक है ।

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