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الخميس، 6 مارس 2025

भारत के जॉब मार्केट में फ्रेशर्स नियुक्ति से फरवरी 2025 में हायरिंग में 41% की वृद्धि:बीपीओ/आईटीईएस क्षेत्रों में फ्रेशर हायरिंग में गिरावट उद्योग की बदलती प्राथमिकताओं के कारण

 एंट्री-लेवल टैलेंट के लिए नियोक्ताओं की निरंतर मांग की निरंतरता में

आईटी-हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में फ्रेशर हायरिंग 2024 में 17 प्रतिशत से 34
बीपीओ/आईटीईएस क्षेत्रों में फ्रेशर हायरिंग में गिरावट उद्योग की बदलती प्राथमिकताओं के कारण
प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों से परे, नासिक, जयपुर, सूरत, कोयंबटूर, इंदौर, कोच्चि, ठाणे, वडोदरा, चंडीगढ़ और नागपुर जैसे टियर II शहर नए रोजगारों के लिए प्रमुख स्थानों के रूप में उभर रहे हैं।

कानपुर 6, मार्च, 2025
6, मार्च, 2025 गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश फाउंडिट पूर्व में मॉन्स्टर रिपोर्ट के अनुसार, एक साल पहले की तुलना में फरवरी 2025 में हायरिंग में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा फ्रेशर जॉब मार्केट स्थिर वृद्धि बनाए रखी है एंट्री-लेवल टैलेंट के लिए नियोक्ताओं की निरंतर मांग की निरंतरता में फरवरी में सालाना फ्रेशर हायरिंग में 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई | भारत के रोजगार बाजार में फरवरी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा और सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आईटी-हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर ने फ्रेशर हायरिंग क्षेत्रों के नेतृत्व मे 2024 में 17 प्रतिशत से लगभग दोगुना होकर 2025 में 34 प्रतिशत हो गया।
फाउंडिट पूर्व में मॉन्स्टर, एक 'जॉब बोर्ड' से विकसित होकर एक सफल करियर के लिए आवश्यक हर चीज के वैश्विक प्रदाता के रूप में दो दशकों से अधिक समय से विकसित है। फाउंडिट अवसरों नए कौशल समावेशी कार्यस्थल, सलाह, एक फास्ट-ट्रैक करियर के लिए जाना जाता है ।फाउंडिट इनसाइट्स ट्रैकर ऑनलाइन नौकरी प्लेटफॉर्म पर पोस्टिंग गतिविधि का एक व्यापक मासिक विश्लेषण कर्ता है।"फाउंडिट के सीईओ वी सुरेश के अनुसार "कौशल-आधारित भर्ती की ओर बदलाव निर्विवाद है। नियोक्ता व्यावहारिक विशेषज्ञता और उद्योग-संबंधित कौशल वाले उम्मीदवारों को तेजी से प्राथमिकता दे रहे हैं, अन्य रिपोर्ट के अनुसार भर्ती और स्टाफिंग उद्योग के विभिन्न डोमेन में नई प्रतिभाओं की बढ़ती मांग ने फ्रेशर हायरिंग में वृद्धि देखी जा सकती है ।बीएफएसआई और बीपीओ/आईटीईएस जैसे क्षेत्रों ने फ्रेशर हायरिंग में गिरावट उद्योग की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों से परे, नासिक, जयपुर, सूरत, कोयंबटूर, इंदौर, कोच्चि, ठाणे, वडोदरा, चंडीगढ़ और नागपुर जैसे टियर II शहर भी नए रोजगार के अवसरों के लिए प्रमुख स्थानों के रूप में उभर रहे हैं।

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