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الثلاثاء، 18 مارس 2025

नागपुर मे दो गुटों मे टकराव पुलिस की तरफ से माहौल को बचाने के लिए भारी बलों की तैनाती गलत इतिहास पर आधारित फिल्म देख कर एक शांति पूर्ण स्टेट का माहोल खराब किया जा रहा है

 नागपुर मे दो गुटों मे टकराव

किसी को भी कायदा कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं
नागपुर हमेशा से एक शांतिप्रिय शहर
हिंसक घटनाएँ स्थानीय समुदाय को प्रभावित कर समाज के अन्य क्षेत्रों में भी वैमनस्य बढ़ाती हैं
राजनैतिक पर्याटन स्थल मे परिवर्तन होने से रोकेने के लिये बाहरी व्यकित्यो के प्रवेश की रोक की आवश्यकता है ।

कानपुर 17 मार्च 2025,
नागपुर 17 मार्च 2025, सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार
हिंदुत्वादी संगठनों के कलमे वाले झंडे को जलाए जाने की खबर के बाद नागपुर मे दो गुटों मे टकराव पुलिस की तरफ से माहौल को मजीद तनाव से बचाने के लिए भारी बलों की तैनाती,मगर सवाल ये है के गलत इतिहास पर आधारित फिल्म देख कर एक शांति पूर्ण स्टेट का माहोल क्यों खराब किया जा रहा है
नागपुर में हिंसा की शुरुआत बजरंग दल ने शुरू किया !कलमा लिखी चादर को बजरंगदल के सदस्यों ने जलाया !औरंगज़ेब की मज़ार को हटाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। आरोप है विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठन के लोगों ने कलमा लिखी हुई चादर को आग लगा दी और माहौल खराब कर दिया ?
वारिस पठान
महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा का हम खंडन करते है।किसी को भी कायदा कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हम सरकार से माँग करते है जो भी इस हिंसा के लिए जवाबदार है उनके ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी करवाई करे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis का गृह क्षेत्र नागपुर है. #Nagpur में दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी जब असामाजिक तत्वों ने #औरंगजेब का पुतला और कुरान की आयतों वाली एक चादर जलाई. इससे हिंसा और आगजनी हुई.
प्रोफेसर वर्षा एकनाथ गायकवाड़ @VarshaEGaikwad·
नागपुर हमेशा से एक शांतिप्रिय शहर के रूप में जाना जाता रहा है, जहां लोग सामाजिक सौहार्द्र के साथ रहते हैं। जब देश के अन्य हिस्सों में दंगे हो रहे थे, तब भी नागपुर में कभी कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई। लेकिन बीते कुछ दिनों से राज्य मंत्रिमंडल के कुछ मंत्री जानबूझकर भड़काऊ बयान देकर समाज में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे थे। आज सड़कों पर जो हालात नजर आ रहे हैं, वे इसी साजिश का नतीजा हैं। आज हुई हिंसा निंदनीय और अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिर राज्य में यह सब क्या चल रहा है?मुख्यमंत्री स्वयं इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि गृह मंत्री के रूप में वे पूरी तरह अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं। मैं मांग करती हूं कि समाज में नफरत फैलाने वाले और भड़काऊ बयान देने वाले मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। मैं नागपुरवासियों से अपील करती हूं, कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें, शांति बनाए रखें और समाज को बांटने की हर कोशिश का मिलकर विरोध करें।
नागपुर में हुई हिंसा ने गंभीर पुलिस कार्रवाइयों और सार्वजनिक तनाव को जन्म दिया है। यह हिंसा मुख्य रूप से औरंगजेब की कब्र से जुड़ी अफवाहों के चलते भड़की, जब एक तस्वीर को जलाने के बाद दो गुटों के बीच संघर्ष शुरू हो गया. नागपुर के महल क्षेत्र में गंभीर बवाल हुआ, जिसमें उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया
पुलिस की प्रतिक्रिया में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु धारा 144 लागू की गई). इस हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और अब तक 40-50 लोगों को हिरासत में लिया गया है
सामाजिक एवं राजनीतिक नेताओं ने भी इस बवाल पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति को निंदनीय बताते हुए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया और नागपुर के पुलिस आयुक्त ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है
इस प्रकार, नागपुर में हुई ये हिंसक घटनाएँ स्थानीय समुदाय को प्रभावित कर समाज के अन्य क्षेत्रों में भी वैमनस्य बढ़ाती हैं, जिसके चलते प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

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