• कानपुर शिवाला स्थित रावण मंदिर "दशानन मंदिर" साल में विजयादशमी के खुलता
• मंदिर रावण का ज्ञान और शक्तियों के सम्मान के लिए समर्पित
• मंदिर का निर्माण 1868 में महाराज गुरु प्रसाद शुक्ल द्वारा करवाया गया था
• यह भगवान शिव के भक्त रावण को समर्पित है।
• विजयादशमी के भक्त सुबह से रावण की आरती और पूजन के लिए कतार में लग जाते हैं
• सरसों के तेल के दीये जलाते हैं और तोरई के फूल चढ़ाते हैं।
• मंदिर संस्कृति की विविधता को दर्शा रावण को विद्वत्ता, ज्ञान और शक्ति के लिए पूजाता है।कानपुर : अक्टूबर 2, 2025
कानपुर के शिवाला क्षेत्र में स्थित रावण मंदिर, जिसे स्थानीय लोग "दशानन मंदिर" के नाम से भी जानते हैं, का एक अनोखा महत्व है। यह मंदिर साल में केवल एक बार, विजयादशमी के दिन ही खुलता है, और इस दिन यहाँ विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है। रावण की पूजा यहाँ बुराई के प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि उसके ज्ञान और शक्तियों के सम्मान के लिए की जाती है।
इस मंदिर का निर्माण 1868 में महाराज गुरु प्रसाद शुक्ल द्वारा करवाया गया था। यह मान्यता है कि रावण भगवान शिव का एक महान भक्त और विद्वान था, और इसलिए यहाँ उसकी पूजा की जाती है।
विजयादशमी के दिन, मंदिर के कपाट सुबह 6 बजे खोल दिए जाते हैं और भक्त सुबह से ही रावण की आरती और पूजन के लिए कतार में लग जाते हैं। यहाँ पूजा का समय सुबह 6 बजे से लेकर रात 8:30 बजे तक होता है。 भक्त यहाँ सरसों के तेल के दीये जलाते हैं और तोरई के फूल चढ़ाते हैं。
रावण को यहाँ ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। भक्त मानते हैं कि रावण की पूजा करने से बुद्धि और बल की प्राप्ति होती है। रावण का पुतला जलाने की परंपरा अन्य स्थानों पर होती है, लेकिन कानपुर का यह मंदिर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण का सम्मान करता है।
यह मंदिर एक विशेष धार्मिक परंपरा को दर्शाता है, जहाँ रावण को केवल खलनायक के रूप में नहीं देखा जाता। यहाँ उसका विद्वत्ता, ज्ञान और शक्ति के लिए पूजन किया जाता है, जिससे भक्त इस दिन अपने संकल्पों और इच्छाओं के लिए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस प्रकार, कानपुर का यह रावण मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की विविधता और उसकी जड़ें भी दर्शाता है।
कानपुर के शिवला क्षेत्र में रामायण के राक्षस राजा रावण को समर्पित एक मंदिर विजयादशमी पर साल में केवल एक बार भक्तों के लिए अपने दरवाजे खोलता है।
الجمعة، 3 أكتوبر 2025
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कानपुर शिवाला स्थित रावण मंदिर "दशानन मंदिर" साल में विजयादशमी के खुलता
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कानपुर के शिवाला क्षेत्र में स्थित रावण मंदिर, जिसे "दशानन मंदिर" के नाम से जानते हैं, अनोखा महत्व है। साल में केवल एक बार विजयादशमी के दिन खुलता है
कानपुर के शिवाला क्षेत्र में स्थित रावण मंदिर, जिसे "दशानन मंदिर" के नाम से जानते हैं, अनोखा महत्व है। साल में केवल एक बार विजयादशमी के दिन खुलता है
About डा. लोकेश शुक्ला मुख्य कार्यकारी निदेशक, इन्टरनेशनल मीडिया एडवरटाइजमेन्ट मारकेटिग प्राइवेट लिमिटेड, 40 बसंत विहार कानपुर इन्डिया पिन:208021 मो. 7505330999
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कानपुर शिवाला स्थित रावण मंदिर "दशानन मंदिर" साल में विजयादशमी के खुलता
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डा. लोकेश शुक्ला मुख्य कार्यकारी निदेशक, इन्टरनेशनल मीडिया एडवरटाइजमेन्ट मारकेटिग प्राइवेट लिमिटेड, 40 बसंत विहार कानपुर इन्डिया पिन:208021 मो. 7505330999
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