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कानपुर:17 अक्टूबर 2025
Shakeel Akhtarशकील अख्तर@shakeelNBT13h
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कल हरिओम वाल्मीकि जिसकी पीट पीट का हत्या कर दी गई थी उसके परिवार से मिलने फतेहपुर जा रहे हैं। वह फतेहपुर का ही रहने वाला था रायबरेली से लगा हुआ जिला। उसके बाद वहीं से वे असम चले जाएंगे जहां प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के निधन के बाद बड़ा भारी शोक मनाया गया। जनता ने किसी गायक का ऐसा शोक मनाया हो इससे पहले नहीं देखा। राहुल जुबीन गर्ग के परिवार से मिलेंगे।
Mohit Raj Dubey @mohitrajdubey8m
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने फतेहपुर के वाल्मीकि परिवार से की मुलाकात। कुछ दिनों पहले हरिओम वाल्मीकि की हुई थी हत्या।
Congress@INCIndia2h
नेता विपक्ष श्री
@RahulGandhi आज फतेहपुर, उत्तर प्रदेश में स्वर्गीय श्री हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे असम के सोनापुर में स्वर्गीय श्री जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और गुवाहाटी में उनके परिवार से मुलाकात करेंगे।
Krishna Yadavकृष्णा यादव@KrishnaYad35254
उम्मीद है हरिओम को न्याय जल्द मिलेगाउम्मीद है कि हरिओम को जल्द ही न्याय मिलेगा
कानपुर : 17 अक्टूबर 2025
राहुल गांधी का 17 अक्टूबर 2025 को फतेहपुर दौरा कई महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ जुड़े हुए था। उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में रायबरेली में हुई एक दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मामले में शोक संवेदना व्यक्त करना था। वाल्मीकि की हत्या 1 अक्टूबर को हुई थी, जब ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला था।
राहुल गांधी सुबह 8:15 बजे चकेरी हवाई अड्डे पर पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से फतेहपुर के लिए निकले। उनका कार्यक्रम इस प्रकार था कि उन्होंने सुबह 9:15 से 9:45 बजे तक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की योजना बनाई थी। हालांकि, इसी समय यह भी सामने आया कि हरिओम के परिवार ने राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया और कहा कि वे सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।
फतेहपुर में यात्रा से पहले राहुल गांधी के विरोध में विवादित पोस्टर भी लगाए गए थे, जिनमें सरकार की कार्रवाई से संतोष जताया गया था और सरकारी सहायता को प्राथमिकता दी गई थी。 ऐसे मैसेज लगे पोस्टरों ने राहुल गांधी की स्वागत में उपस्थित लोगों की भावनाओं में विविधता पैदा की।
हरिओम के छोटे भाई इस संदर्भ में बयान देते हुए, भी कहा कि वे किसी भी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उन्होंने पुष्टि की कि उनके परिवार को योगी आदित्यनाथ की सरकार से आर्थिक मदद मिली है, और इसलिए वे कांग्रेस के नेता से राजनीतिक बैठक नहीं करना चाहते。
राहुल गांधी की फतेहपुर यात्रा ने सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण चर्चाएँ शुरू कीं, जिसमें एक ओर जहां उन्होंने शोक संवेदनाएँ व्यक्त करना चाहा, वहीं दूसरी ओर परिवार ने स्पष्ट रूप से राजनीतिक जुटान से दूरी बनाई।




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