सितंबर 2025 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 4% बढ़ा
लगातार तीन महीनों में सबसे कम वृद्धि
मुख्य कारण खनन और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में कमजोर प्रदर्शन है।
प्रमुख बातें:
महत्त्वपूर्ण आंकड़े:
अगस्त 2025 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि 4% खनन क्षेत्र में 6% की वृद्धि
इस वृद्धि के मुकाबले जुलाई का आंकड़ा 3.5% से बढ़ाकर 4.3%
खनन क्षेत्र:
खनन उद्योग का प्रदर्शन सकारात्मक 6% की वृद्धि
पिछले वर्ष (अगस्त 2024) में 4.3% की गिरावट
विनिर्माण और बिजली:विनिर्माण क्षेत्र में 3.8% की वृद्धि
'बेसिक मेटल्स' और 'मोटर वाहनों' का उत्पादन उल्लेखनीय क्रमशः 12.2% और 9.8% बढ़ा।
बिजली उत्पादन में 4.1% की वृद्धि
सितंबर 2025 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 4% बढ़ा है, हालांकि यह लगातार तीन महीनों में सबसे कम वृद्धि है। इस वृद्धि का मुख्य कारण खनन और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में कमजोर प्रदर्शन है।
प्रमुख बातें:
महत्त्वपूर्ण आंकड़े:
अगस्त 2025 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 4%, जिसमें खनन 6% की वृद्धि
वृद्धि के मुकाबले जुलाई का आंकड़ा 3.5% से बढ़ाकर 4.3%
खनन क्षेत्र:
खनन उद्योग का प्रदर्शन सबसे सकारात्मक रहा, जिसमें 6% की वृद्धि दर्ज की गई। यह इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिसमें पिछले वर्ष (अगस्त 2024) में 4.3% की गिरावट देखी गई थी।
विनिर्माण और बिजली:
विनिर्माण क्षेत्र में 3.8% की वृद्धि हुई; यहाँ पर 'बेसिक मेटल्स' और 'मोटर वाहनों' का उत्पादन उल्लेखनीय था, जो क्रमशः 12.2% और 9.8% बढ़ा।
बिजली उत्पादन में भी 4.1% की वृद्धि हुई।
उपभोक्ता वस्त्र:
उपभोक्ता टिकाऊ वस्त्रों के उत्पादन में 3.5% की वृद्धि हुई, जबकि उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्त्रों का उत्पादन 6.3% घटा।
दोनों की लंबी अवधि का प्रदर्शन:
पिछले वर्ष अगस्त 2024 में औद्योगिक उत्पादन स्थिर रहा था, जबकि इस बार 4% की वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है।
सितंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन में वर्तमान वृद्धि सरकार और उद्योगों के लिए मार्गदर्शक है, खनन और निर्माण क्षेत्र की धीमी वृद्धि समग्र आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकता है।
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