• वाई. पूरन कुमार आईपीएस ने 8 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ में की आत्महत्या
•पुलिस महकमे में हड़कंप:प्रशासनिक जांच की संभावनाएं
• कुमार ने आत्महत्या से पहले एक 8 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा
• 30-35 आईपीएस और IAS पर भेदभाव, उत्पीड़न और गलत कार्यप्रणाली का आरोप
• वह पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज, सुनारिया में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत
• अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारी।
• उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार, जो IAS अधिकारी
• घटना के समय जापान में और लौटने पर उन्हें सुसाइड नोट तथा वसीयत मिली।
• आरोप कि DGP शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने पति का उत्पीड़न किया।
• आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत परेशानियों और प्रणालीगत दबाव का प्रश्न
• मामले में अधिकारियों की शिकायतें, रिश्वत के आरोप, और जातिगत भेदभाव जैसे मुद्देकानपुर : अक्टूबर 8, 2025
अक्टूबर 8, 2025: चंडीगढ़: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने 8 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। उनकी आत्महत्या ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और इस मामले में कई बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। कुमार ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और गलत कार्यप्रणाली का आरोप लगाया।आत्महत्या का विवरण इस प्रकार है
वाई. पूरन कुमार पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज, सुनारिया में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे, ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी।
उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार IAS अधिकारी, जापान में आधिकारिक यात्रा पर थीं, जब यह घटना हुई।
सुसाइड नोट का विवरण इस प्रकार है
कुमार का सुसाइड नोट 8 पन्नों का था, जिसमें उन्होंने 30 से 35 आईपीएस और IAS अधिकारियों के नाम लिए हैं। उन्होंने इनमें से कई पर जातिवाद और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
यह नोट उन्होंने अपनी पत्नी और कुछ अन्य अधिकारियों को भेजा था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह आत्महत्या के बारे में सोच रहे थे。
पत्नी का आरोप इस प्रकार है
अमनीत पी. कुमार ने शिकायत की है कि DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने उनके पति का उत्पीड़न किया। उ पति को उनकी जाति के आधार पर भेदभाव का सामना करना पड़ा।
उनकी पत्नी ने कहा कि जब वह जापान से वापस आईं, तो उनके पति का सुसाइड नोट और वसीयत मिली, जिसमें उन्होंने अपने दर्द का उल्लेख किया。 पूरन कुमार की आत्महत्या पर सवाल उठते हैं कि यह केवल व्यक्तिगत परेशानियों का नतीजा था या यह एक सिस्टम के भीतर के दबाव को दर्शाता है।
अधिकारियों की शिकायतें, रिश्वत के आरोप, और जातिगत भेदभाव जैसे मुद्दे इस मामले को और जटिल बनाते हैं, जिसके चलते प्रशासनिक जांच की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
घटना हरियाणा की पुलिस व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक तंत्र के भीतर के तनाव को भी उजागर किया है। यह मामले की जांच और उसके परिणामों का इंतजार किया जाएगा।



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