• पुनर्नियुक्ति 1 अक्टूबर 2025 से नियुक्त
• पिछली नियुक्ति के बाद उनके मौजूदा तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने पर प्रभावी
• वेंकटरमणी ने 1 अक्टूबर 2022 को अटॉर्नी जनरल के रूप में कार्यभार संभाला था
• 42 वर्षों का अनुभव
• नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत
• मुख्य कार्य सरकार को कानूनी सलाह देना और अदालतों में सरकार का प्रतिनिधित्व
नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणी को शुक्रवार को दो साल के लिए फिर से अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया। वेंकटरमणी को 1 अक्टूबर से देश के शीर्ष कानून अधिकारी के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है। उनका मौजूदा तीन साल का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है।
आर वेंकटरमणी को 1 अक्टूबर 2022 से फिर से भारत का अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया था । उनकी नियुक्ति दो साल के लिए की गई था थी जो कि उनके मौजूदा तीन साल के कार्यकाल के पूर्ण होने पर प्रभावी होगी। उनका वर्तमान कार्यकाल 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो रहा है.
वेंकटरमणी ने अपना कार्यभार 1 अक्टूबर 2022 को संभाल लिया। वे एक अनुभवी वकील हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में 42 वर्षों का लंबा अनुभव प्राप्त किया है। उन्होंने भारतीय विधि आयोग के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है और उन्हें विभिन्न उच्च-प्राथमिकता मामलों में पैरवी करने के लिए जाना जाता है।
उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की गई है, जो कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत अटॉर्नी जनरल के पद के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है。 आर वेंकटरमणी का प्रमुख कार्य सरकार को कानूनी सलाह देना और अदालतों में सरकार का प्रतिनिधित्व करना है।
इससे पहले, अदालतीय कार्यों में उनकी भूमिका और आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु राज्यों के लिए विशेष वरिष्ठ वकील के रूप में उनके अनुभव ने उनकी इस उच्चतम पद के लिए नियुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई。
अतः, आर वेंकटरमणी की पुनर्नियुक्ति उन्हें कानूनी क्षेत्र में व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता के कारण चुना गया है, और उनकी भूमिका भारत सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगी।
अधिसूचना में कहा गया है, ''राष्ट्रपति को वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणी को 01.10.2025 से दो साल की अवधि के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल के रूप में फिर से नियुक्त करते हुए प्रसन्नता हो रही है।




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