मंच के माध्यम से सदस्य देशों के बीच विधायी और कूटनीतिक सहयोग को गहरा करने पर चर्चाएं
भारत इस वर्ष ब्रिक्स का अध्यक्ष है
कानपुर: 24 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली : 24 अक्टूबर 2026
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अब 26 और 27 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum) का आयोजन किया जा रहा है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स (BRICS) का अध्यक्ष है और इस मंच के माध्यम से सदस्य देशों के बीच विधायी और कूटनीतिक सहयोग को गहरा करने पर चर्चाएं जारी हैं।
1. 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच (26-27 अक्टूबर 2026)
• आयोजन स्थल: नई दिल्ली के ऐतिहासिक संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष।
• मुख्य थीम: “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना” (Fostering Parliaments for People-Centric Development) ।
• नेतृत्व व सहभागिता: इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष उपस्थिति रहेगी।
• प्रमुख एजेंडा: फोरम में संस्थागत मजबूती, जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और सतत विकास जैसे विषयों पर चार उच्च-स्तरीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के संसदीय शिष्टमंडल शामिल हो रहे हैं।
2. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियां (सितंबर 2026)
इससे पहले, सितंबर में नई दिल्ली के भारत मंडपम में मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसकी प्रमुख रणनीतिक कूटनीति निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रही:
• नई दिल्ली घोषणा-पत्र: सम्मेलन में सर्वसम्मति से ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया। यह वैश्विक संघर्षों को रोकने, संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान खोजने और बहुपक्षीय संस्थानों (जैसे संयुक्त राष्ट्र) में सुधार करने पर जोर देता है।
• द्विपक्षीय वार्ताएं: शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं।
• आर्थिक व तकनीकी पहल: वित्तीय संप्रभुता बढ़ाने के लिए ब्रिक्स पेमेंट टास्क फोर्स, गिफ्ट सिटी रिस्क लैब और वर्ष 2027 तक ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज स्थापित करने के लक्ष्यों पर सहमति व्यक्त की गई।
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अब 26 और 27 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum) का आयोजन किया जा रहा है। भारत इस वर्ष ब्रिक्स (BRICS) का अध्यक्ष है और इस मंच के माध्यम से सदस्य देशों के बीच विधायी और कूटनीतिक सहयोग को गहरा करने पर चर्चाएं जारी हैं।
1. 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच (26-27 अक्टूबर 2026)
• आयोजन स्थल: नई दिल्ली के ऐतिहासिक संविधान सदन का केंद्रीय कक्ष।
• मुख्य थीम: “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना” (Fostering Parliaments for People-Centric Development) ।
• नेतृत्व व सहभागिता: इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष उपस्थिति रहेगी।
• प्रमुख एजेंडा: फोरम में संस्थागत मजबूती, जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और सतत विकास जैसे विषयों पर चार उच्च-स्तरीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के संसदीय शिष्टमंडल शामिल हो रहे हैं।
2. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धियां (सितंबर 2026)
इससे पहले, सितंबर में नई दिल्ली के भारत मंडपम में मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसकी प्रमुख रणनीतिक कूटनीति निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रही:
• नई दिल्ली घोषणा-पत्र: सम्मेलन में सर्वसम्मति से ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया। यह वैश्विक संघर्षों को रोकने, संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान खोजने और बहुपक्षीय संस्थानों (जैसे संयुक्त राष्ट्र) में सुधार करने पर जोर देता है।
• द्विपक्षीय वार्ताएं: शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं।
• आर्थिक व तकनीकी पहल: वित्तीय संप्रभुता बढ़ाने के लिए ब्रिक्स पेमेंट टास्क फोर्स, गिफ्ट सिटी रिस्क लैब और वर्ष 2027 तक ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज स्थापित करने के लक्ष्यों पर सहमति व्यक्त की गई।




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