सीएम जिलों के एसएसपी, डीसी, और कमिश्नरों के साथ सुरक्षा इंतजामों और शांति व्यवस्था की करेंगे समीक्षा
'आप' सरकार प्रवक्ताओं ने निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का दिया भरोसा
कानपुर: 13 अक्टूबर 2026
मानसा: 13 अक्टूबर 2026
पंजाब के मानसा जिले में 13 अक्टूबर 2026 की सुबह एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सीएम मान सभी जिलों के एसएसपी (SSPs), डीसी (DCs), और पुलिस कमिश्नरों के साथ राज्य में सुरक्षा इंतजामों और शांति व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
फेसबुक लाइव के दौरान वारदात
घटना के वक्त परविंदर सिंह झोटा मानसा में एक मेडिकल स्टोर (केमिस्ट शॉप) पर पहुंचे थे। झोटा का आरोप था कि यह दुकानदार दवाइयों के नाम पर नशीले पदार्थ बेचता है। इस पूरे घटनाक्रम को वह अपने फेसबुक पेज पर लाइव (Facebook Live) ब्रॉडकास्ट कर रहे थे। लाइव वीडियो के दौरान ही केमिस्ट स्टोर संचालक और झोटा के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच केमिस्ट मालिक ने पिस्तौल निकालकर झोटा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई और उनके साथ मौजूद 4 अन्य लोग भी घायल हो गए।
हत्या की मुख्य वजह (पुरानी रंजिश)
मानसा पुलिस के अनुसार, इस हत्या के पीछे साल 2023 से चली आ रही पुरानी रंजिश है। साल 2023 में परविंदर झोटा ने इसी मेडिकल स्टोर संचालक पर नशा बेचने का आरोप लगाकर उसके गले में जूतों की माला पहनाई थी और उसे शहर में घुमाया था। इसी खुन्नस के चलते आरोपी दुकानदार ने मौका पाकर झोटा की जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी केमिस्ट की दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है और परिवार को हिरासत (डिटेन) में लेकर मुख्य कातिल की तलाश तेज कर दी है।
समर्थकों का फूटा गुस्सा और विपक्ष के हमलेमानसा और पंजाब बंद का आह्वान: हत्या की खबर फैलते ही झोटा के परिजन और भारी संख्या में समर्थक सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने गुस्से में आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ की, मानसा बाजार को पूरी तरह बंद करवा दिया और झोटा के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। समर्थकों ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और मुख्यमंत्री व डीजीपी के इस्तीफे की मांग करते हुए 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है।
राजनीतिक घमासान: विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्य में 'जंगलराज' और पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था का आरोप लगाया है। वहीं झोटा के पिता ने सरकार और स्थानीय आप विधायक विजय सिंगला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके बेटे की हत्या को सरकारी शह पर अंजाम दिया गया है। दूसरी तरफ, 'आप' सरकार के प्रवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पंजाब के मानसा जिले में 13 अक्टूबर 2026 की सुबह एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सीएम मान सभी जिलों के एसएसपी (SSPs), डीसी (DCs), और पुलिस कमिश्नरों के साथ राज्य में सुरक्षा इंतजामों और शांति व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
फेसबुक लाइव के दौरान वारदात
घटना के वक्त परविंदर सिंह झोटा मानसा में एक मेडिकल स्टोर (केमिस्ट शॉप) पर पहुंचे थे। झोटा का आरोप था कि यह दुकानदार दवाइयों के नाम पर नशीले पदार्थ बेचता है। इस पूरे घटनाक्रम को वह अपने फेसबुक पेज पर लाइव (Facebook Live) ब्रॉडकास्ट कर रहे थे। लाइव वीडियो के दौरान ही केमिस्ट स्टोर संचालक और झोटा के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। इसी बीच केमिस्ट मालिक ने पिस्तौल निकालकर झोटा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई और उनके साथ मौजूद 4 अन्य लोग भी घायल हो गए।
हत्या की मुख्य वजह (पुरानी रंजिश)
मानसा पुलिस के अनुसार, इस हत्या के पीछे साल 2023 से चली आ रही पुरानी रंजिश है। साल 2023 में परविंदर झोटा ने इसी मेडिकल स्टोर संचालक पर नशा बेचने का आरोप लगाकर उसके गले में जूतों की माला पहनाई थी और उसे शहर में घुमाया था। इसी खुन्नस के चलते आरोपी दुकानदार ने मौका पाकर झोटा की जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी केमिस्ट की दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है और परिवार को हिरासत (डिटेन) में लेकर मुख्य कातिल की तलाश तेज कर दी है।
समर्थकों का फूटा गुस्सा और विपक्ष के हमलेमानसा और पंजाब बंद का आह्वान: हत्या की खबर फैलते ही झोटा के परिजन और भारी संख्या में समर्थक सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने गुस्से में आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ की, मानसा बाजार को पूरी तरह बंद करवा दिया और झोटा के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। समर्थकों ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और मुख्यमंत्री व डीजीपी के इस्तीफे की मांग करते हुए 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है।
राजनीतिक घमासान: विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्य में 'जंगलराज' और पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था का आरोप लगाया है। वहीं झोटा के पिता ने सरकार और स्थानीय आप विधायक विजय सिंगला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके बेटे की हत्या को सरकारी शह पर अंजाम दिया गया है। दूसरी तरफ, 'आप' सरकार के प्रवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।




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