23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था
शिक्षक और स्नातक नतीजों को पूरे प्रदेश के मतदाताओं की राय का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता
चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना प्रदेश के सात केंद्रों पर कराई गई।
भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली
लखनऊ:: 28अक्टूबर 2026
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज है। राज्य की 11 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अब तक घोषित परिणामों में दोनों दलों ने महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज की है।
इस चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। मतगणना के दौरान कई सीटों पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।
भाजपा के प्रमुख उम्मीदवारों ने दर्ज की जीत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा के कई प्रमुख उम्मीदवारों ने अपनी सीटों पर जीत हासिल की है। प्रमुख विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
उमेश द्विवेदी (भाजपा): लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की।
डॉ. हरि सिंह ढिल्लों (भाजपा): बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए।
दिनेश कुमार गोयल (भाजपा): मेरठ-सहारनपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की।
श्रीचंद शर्मा (भाजपा): मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी रहे।
इन परिणामों से भाजपा को शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा का कब्जा बरकरार
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
इस जीत को सपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाराणसी सीट के परिणाम ने भाजपा और सपा के बीच चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
आगरा शिक्षक सीट पर भी सपा की जीत
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार हरि किशोर तिवारी को हराया। इस परिणाम से सपा को विधान परिषद चुनाव में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली।
11 सीटों पर क्यों हुआ चुनाव?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना प्रदेश के सात केंद्रों पर कराई गई।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम सियासी मुकाबला
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद चुनाव के परिणामों को राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और क्षेत्रीय समर्थन के आकलन के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के लिए अपनी सीटों पर जीत बरकरार रखना महत्वपूर्ण है, वहीं सपा की जीत पार्टी के लिए उत्साहजनक मानी जा रही है।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को पूरे प्रदेश के मतदाताओं की राय का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि इन चुनावों का मतदाता वर्ग और चुनावी समीकरण अलग हैं।
उत्तर प्रदेश MLC चुनाव 2026 में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। उमेश द्विवेदी, डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, दिनेश कुमार गोयल और श्रीचंद शर्मा जैसे भाजपा उम्मीदवारों की जीत के साथ-साथ लाल बिहारी यादव और आकाश अग्रवाल की जीत ने सपा को भी महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है। शेष सीटों के अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही सभी 11 सीटों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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