स्पेशल TET से बाहर रखना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन नहीं
फैसले से उत्तर प्रदेश के करीब 73,000 से अधिक गैर-TET पास शिक्षा मित्रों को बड़ा झटका
विशेष परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर 2026 को आयोजित
इलाहाबाद: 11 अक्टूबर 2026
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वसीम अहमद और 220 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा मित्र इस विशेष परीक्षा (Special TET-2026) में शामिल होने के पात्र नहीं हैं।
हाईकोर्ट की एकल पीठ (न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान) ने अपने फैसले में निम्नलिखित मुख्य बिंदु स्पष्ट किए हैं:
प्रकृति और उद्देश्य: कोर्ट के अनुसार, Special TET 2026 कोई नई भर्ती परीक्षा नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश (Anjuman Ishaat-e-Taleem Trust vs State) के अनुपालन में केवल उन नियमित इन-सर्विस शिक्षकों के लिए एक अंतरिम व्यवस्था है, जिन्हें अपनी सेवा की शर्तों के तहत TET योग्यता पूरी करने की आखिरी समय-सीमा मिली हुई है।
नियमित TET का विकल्प: कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता सामान्य TET परीक्षा में बैठने के पात्र थे और वे पूर्व में आयोजित नियमित परीक्षाओं में शामिल हो सकते थे।
इस फैसले से उत्तर प्रदेश के करीब 73,000 से अधिक गैर-TET पास शिक्षा मित्रों को बड़ा झटका लगा है, और अब यह विशेष परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता वसीम अहमद ने मामले को हाईकोर्ट की डबल बेंच (डिवीजन बेंच) में अपील करने की बात कही है।




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