भूमि और मकानों से जुड़ी सूचनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
भारत लैंड स्टैक परियोजना की शुरुआत भूमि एवं संपत्ति प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार
भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी
नागरिकों को तेज, सरल और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
लखनऊ:3 नवम्बर 2026
उत्तर प्रदेश में शुरू होगी भारत लैंड स्टैक परियोजना, भूमि और मकानों का बनेगा एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में भूमि प्रबंधन और संपत्ति संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार भारत लैंड स्टैक (India Land Stack) परियोजना को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत भूमि और मकानों से जुड़ी सूचनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
भूमि रिकॉर्ड होंगे डिजिटल और एकीकृत
भारत लैंड स्टैक परियोजना का उद्देश्य भूमि स्वामित्व, भू-अभिलेख, संपत्ति मानचित्रण और भवन संबंधी जानकारी को एक ही डिजिटल प्रणाली में जोड़ना है। इससे नागरिकों को भूमि एवं संपत्ति से संबंधित विवरण प्राप्त करने में आसानी होगी तथा सरकारी विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा।
पारदर्शिता और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के लागू होने से भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। इससे भूमि विवादों में कमी आने, फर्जीवाड़े पर रोक लगाने तथा संपत्ति संबंधी लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि संबंधी जानकारी भी तेजी से उपलब्ध हो सकेगी।
नागरिकों को मिलेंगी बेहतर सेवाएं
एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अपनी भूमि और मकान संबंधी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे प्रमाणपत्र, स्वामित्व विवरण और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल एवं समयबद्ध बनने की संभावना है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम होगी।
आधुनिक तकनीक का होगा उपयोग
भारत लैंड स्टैक परियोजना में भू-अभिलेखों, भू-मानचित्रों और संपत्ति डेटा को डिजिटल स्वरूप में संग्रहीत करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे डेटा की सटीकता, सुरक्षा और उपलब्धता में सुधार होगा। भविष्य में यह प्रणाली ई-गवर्नेंस और स्मार्ट प्रशासन को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उत्तर प्रदेश में भारत लैंड स्टैक परियोजना की शुरुआत भूमि एवं संपत्ति प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार साबित हो सकती है। यह पहल न केवल भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी, बल्कि नागरिकों को तेज, सरल और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य में डिजिटल शासन और भूमि सुधारों की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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