वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की और 1 करोड़ 75 हजार रुपये से अधिक का गबन किया
कियोस्क या CSP पर लेनदेन करते समय रसीद अवश्य लें और पासबुक एंट्री की बैंक रिकॉर्ड से मिलान करें।कानपुर: 21 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर 2026
डेटा लीक और धोखाधड़ी की हालिया घटनाएँ38 भारतीय बैंकों का डेटा लीक: साइबर सुरक्षा कंपनी UpGuard ने अगस्त 2025 के अंत में एक असुरक्षित Amazon S3 सर्वर पर 2,73,000 पीडीएफ फाइलें पाईं जिनमें बैंक ट्रांसफर रिकॉर्ड, अकाउंट नंबर, ट्रांजैक्शन राशि और संपर्क जानकारी जैसी संवेदनशील जानकारी मौजूद थी
यह लीक कम से कम 38 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़ा था, और दस्तावेजों में SBI का नाम भी कई बार मिला
CERT-In को सूचना देने के बाद सर्वर को सुरक्षित किया गया, लेकिन किसी संस्था ने इस चूक की जिम्मेदारी नहीं ली NPCI ने कहा कि उनके सिस्टम से कोई डेटा लीक नहीं हुआ है
SBI कियोस्क धोखाधड़ी का मामला: धमतरी जिले में एक SBI कियोस्क संचालक ने 10 साल तक खाताधारकों की पासबुक में पेन से गलत एंट्री कर वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की और 1 करोड़ 75 हजार रुपये से अधिक का गबन किया
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और FD बॉन्ड पेपर सहित कई दस्तावेज बरामद किए।
पुलिस ने ग्राहकों से पासबुक, रसीद और FD दस्तावेजों की नियमित जांच करने की अपील की है।
ग्राहकों को खाते की गतिविधियों बैलेंस, मिनी स्टेटमेंट, पासबुक एंट्री की जांच जरूरी है।
किसी भी संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
OTP, PIN, CVV, पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें — बैंक कभी ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
अनजान लिंक, ईमेल या कॉल से सावधान रहें — डेटा लीक के बाद फ़िशिंग प्रयास बढ़ सकते हैं।
कियोस्क या CSP पर लेनदेन करते समय रसीद अवश्य लें और पासबुक एंट्री की बैंक रिकॉर्ड से मिलान करें।
FD, NACH या ऑटो-डेबिट से जुड़े दस्तावेजों की जांच करें, क्योंकि लीक हुए डेटा में ऐसे फॉर्म शामिल थे
क्यों सतर्क रहना जरूरी है लीक हुए डेटा में अकाउंट नंबर और ट्रांजैक्शन जानकारी शामिल थी, जिससे धोखाधड़ी के प्रयास बढ़ सकते हैं
कियोस्क धोखाधड़ी जैसे मामलों में दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई थी, इसलिए ग्राहकों की नियमित जांच ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है।
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर 2026
डेटा लीक और धोखाधड़ी की हालिया घटनाएँ38 भारतीय बैंकों का डेटा लीक: साइबर सुरक्षा कंपनी UpGuard ने अगस्त 2025 के अंत में एक असुरक्षित Amazon S3 सर्वर पर 2,73,000 पीडीएफ फाइलें पाईं जिनमें बैंक ट्रांसफर रिकॉर्ड, अकाउंट नंबर, ट्रांजैक्शन राशि और संपर्क जानकारी जैसी संवेदनशील जानकारी मौजूद थी
यह लीक कम से कम 38 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़ा था, और दस्तावेजों में SBI का नाम भी कई बार मिला
CERT-In को सूचना देने के बाद सर्वर को सुरक्षित किया गया, लेकिन किसी संस्था ने इस चूक की जिम्मेदारी नहीं ली NPCI ने कहा कि उनके सिस्टम से कोई डेटा लीक नहीं हुआ है
SBI कियोस्क धोखाधड़ी का मामला: धमतरी जिले में एक SBI कियोस्क संचालक ने 10 साल तक खाताधारकों की पासबुक में पेन से गलत एंट्री कर वास्तविक बैंकिंग रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की और 1 करोड़ 75 हजार रुपये से अधिक का गबन किया
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और FD बॉन्ड पेपर सहित कई दस्तावेज बरामद किए।
पुलिस ने ग्राहकों से पासबुक, रसीद और FD दस्तावेजों की नियमित जांच करने की अपील की है।
ग्राहकों को खाते की गतिविधियों बैलेंस, मिनी स्टेटमेंट, पासबुक एंट्री की जांच जरूरी है।
किसी भी संदिग्ध लेनदेन पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
OTP, PIN, CVV, पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें — बैंक कभी ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
अनजान लिंक, ईमेल या कॉल से सावधान रहें — डेटा लीक के बाद फ़िशिंग प्रयास बढ़ सकते हैं।
कियोस्क या CSP पर लेनदेन करते समय रसीद अवश्य लें और पासबुक एंट्री की बैंक रिकॉर्ड से मिलान करें।
FD, NACH या ऑटो-डेबिट से जुड़े दस्तावेजों की जांच करें, क्योंकि लीक हुए डेटा में ऐसे फॉर्म शामिल थे
क्यों सतर्क रहना जरूरी है लीक हुए डेटा में अकाउंट नंबर और ट्रांजैक्शन जानकारी शामिल थी, जिससे धोखाधड़ी के प्रयास बढ़ सकते हैं
कियोस्क धोखाधड़ी जैसे मामलों में दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई थी, इसलिए ग्राहकों की नियमित जांच ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है।




0 Comments