ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

उत्तर कोरिया: कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 900 किमी तक गईं। दक्षिण कोरिया और जापान सतर्क

राजधानी प्योंगयांग के पास से पत्र (जापान सागर) की ओर कई अलग-अलग प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी
जापान रक्षा मंत्रालय: पहली मिसाइल ने लगभग 220 किमी की दूरी तय की
दूसरी मिसाइल ने अनियमित  उड़ान पथ अपनाते हुए 910 किमी से अधिक दूरी तय की। 
विशेषज्ञों का अनुमान यह एक हाइपरसोनिक हथियार हो सकता है। 

कानपुर: 12 अक्टूबर 2026
उत्तर कोरिया :12 अक्टूबर 2026
उत्तर कोरिया ने 12 अक्टूबर 2026 को अपनी राजधानी प्योंगयांग के पास से पूर्वी समुद्री क्षेत्र (जापान सागर) की ओर कई अलग-अलग प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। दक्षिण कोरियाई सेना (JCS) के अनुसार, इनमें से एक मिसाइल ने 900 किलोमीटर (560 मील) से अधिक की दूरी तय की। उत्तर कोरिया के इस कदम के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव चरम पर पहुंच गया है और दक्षिण कोरिया व जापान दोनों ही हाई अलर्ट पर हैं। 
नीचे दिए गए वीडियो में इस हालिया सैन्य परीक्षण के बाद पूर्वी एशिया में बढ़ते तनाव और दक्षिण कोरिया व जापान की सुरक्षा तैयारियों का विवरण देखें:
मिसाइल परीक्षण से जुड़ी मुख्य बातेंप्योंगयांग से लॉन्चिंग: मिसाइलों को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 9:20 बजे प्योंगयांग क्षेत्र से दागा गया। 
दूरी और irregular उड़ान: जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहली मिसाइल ने लगभग 220 किमी की दूरी तय की, जबकि दूसरी मिसाइल ने एक अनियमित (irregular) उड़ान पथ अपनाते हुए 910 किमी से अधिक दूरी तय की। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह एक हाइपरसोनिक हथियार हो सकता है। 
जापान के EEZ से बाहर गिरीं: ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी हैं, जिससे विमानों या जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। 
एक महीने में चौथा परीक्षण: उत्तर कोरिया द्वारा एक महीने के भीतर किया गया यह चौथा मिसाइल परीक्षण है। इससे पहले 3 अक्टूबर को भी उत्तर कोरिया ने एक मिसाइल दागी थी। 
जवाबी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह परीक्षण दक्षिण कोरिया द्वारा पिछले शुक्रवार को अपनी पहली स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण के ठीक बाद हुआ है। दक्षिण कोरियाई सेना का मानना है कि उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण उसी के जवाब में अपनी ताकत दिखाने के लिए किया है। 
मिसाइल दागे जाने के तुरंत बाद, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और सैन्य तैयारियों की समीक्षा की। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की सेनाएं वास्तविक समय में मिसाइल डेटा साझा कर रही हैं और क्षेत्र में पैनी नजर बनाए हुए हैं। 
x

Post a Comment

0 Comments