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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत पाँच प्रमुख ऊर्जा खरीदार देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर प्रस्तावित भारी टैरिफ और प्रतिबंधों से अस्थायी छूट देने की घोषणा

कार्यकारी आदेश के तहत ट्रंप ने दंडात्मक कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए दिया टाल
यदि 100% टैरिफ लागू हो जाता, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात की लागत अत्यधिक बढ़ जाती।
फैसले से भारतीय निर्यातकों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
इस बड़े नीतिगत फैसले की मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में समझी जा सकती हैं

कानपुर: 17 अक्टूबर 2026
व्हाइट हाउस: 17 अक्टूबर 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत पाँच प्रमुख ऊर्जा खरीदार देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर प्रस्तावित भारी टैरिफ और प्रतिबंधों से अस्थायी छूट देने की घोषणा की है। 16 अक्टूबर 2026 को जारी एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) के तहत ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए इस दंडात्मक कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है।

मुख्य विशेषताविवरण
संबंधित कानूनग्राहम एक्ट (Sanctioning Russia and Iran Act of 2026).
प्रस्तावित दंडरूस से तेल/गैस खरीदने वाले देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर 100% तक टैरिफ.
छूट प्राप्त 5 देशभारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी, और अजरबैजान.
फैसले का आधारट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को प्रमाणित किया कि यह छूट देना यूएस के राष्ट्रीय हित में है.
अमेरिकी शर्त/दावाट्रंप के अनुसार, भारत ने रूस से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष आयात कम करने और अमेरिका व वेनेजुएला से अधिक ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है.

भारत के लिए इसके मायने और लाभ आर्थिक राहत: यदि यह 100% टैरिफ लागू हो जाता, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात की लागत अत्यधिक बढ़ जाती। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। ऊर्जा सुरक्षा: ईरान-पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारत के लिए अपनी रिफाइनरियों को चालू रखने के लिए रूसी कच्चे तेल का आयात जारी रखना बेहद जरूरी था।
व्यापार वार्ता में मजबूती: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा से ठीक पहले आए इस फैसले से दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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