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कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में मुख्य आरोपी बेटे सुब्रत मिनोचा ने अपनी मां पुनीता मिनोचा के नाम पंजीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी करने पर सहमति

रतन आर्बिट अपार्टमेंट: इंदिरा नगर में विनीत मिनोचा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी
हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुब्रत मिनोचा वर्तमान में जेल में बंद है.
मां पुनीता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को की थी, बाद में कोर्ट ने सुब्रत को जेल से तलब किया था.

कानपुर: 16 अक्टूबर 2026
कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में मुख्य आरोपी और उनके बेटे सुब्रत मिनोचा ने अपनी मां पुनीता मिनोचा के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney) पंजीकृत करने पर सहमति दे दी है.
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
कोर्ट में पेशी: हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुब्रत मिनोचा वर्तमान में जेल में बंद है. कारोबार में आ रही लेन-देन की रुकावटों को दूर करने के लिए उसकी मां पुनीता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में अर्जी दाखिल की थी, जिसके बाद कोर्ट ने सुब्रत को जेल से तलब किया था. 
30% हिस्सेदारी की पावर ऑफ अटॉर्नी: बिरहाना रोड स्थित दवा फर्म 'मेसर्स फार्मा ट्रेडर्स' में सुब्रत की 30 फीसदी की हिस्सेदारी है. पिता विनीत मिनोचा की वसीयत के अनुसार, उनके निधन के बाद उनका 50% हिस्सा पत्नी पुनीता को मिला है, जिससे पुनीता अब कुल 70 फीसदी हिस्से की मालकिन हैं. व्यापारिक लेन-देन सुचारू रूप से चलाने के लिए मां ने सुब्रत के 30% हिस्से की पावर ऑफ अटॉर्नी मांगी थी, जिस पर जेल से आए बेटे ने अदालत में अपनी हामी भर दी है. 
मामले की पृष्ठभूमि: 5 सितंबर 2026 को कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट में विनीत मिनोचा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी. शुरुआत में बहू शालू को आरोपी बनाया गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि कर्ज में डूबे बेटे सुब्रत ने ही ₹40 लाख के कर्ज और संपत्ति विवाद के कारण नौकर विशाल के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की पूरी साजिश रची थी. पुलिस ने जांच के बाद बहू शालू को पूरी तरह निर्दोष पाते हुए रिहा कर दिया था.
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