मौके से 1,000 से अधिक नकली सीमेंट से भरी बोरियां, 3,000 से ज्यादा खाली बोरियां और दो ट्रक जब्त
आरोपी एसीसी और अंबुजा की डीलरशिप की आड़ में एक्सपायरी सीमेंट में केमिकल मिलाकर बेच रहे थे.
पिछले 3 वर्षों में करीब 10 लाख से अधिक बोरियां बाजार और सरकारी प्रोजेक्ट्स में खपाई जा चुकी हैं
कानपुर: 16 अक्टूबर 2026
कानपुर के पनकी इस्पात नगर में नामी ब्रांड्स के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है, जहां से बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स, सड़कों और इमारतों में डुप्लीकेट सीमेंट सप्लाई की जा रही थी. अदाणी ग्रुप (एसीसी व अंबुजा सीमेंट) के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम ने संयुक्त रूप से यह छापेमारी की.
इस पूरे मामले के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
छापेमारी और बरामदगी• बरामद सामग्री: पुलिस ने मौके से 1,000 से अधिक नकली सीमेंट से भरी बोरियां, 3,000 से ज्यादा खाली बोरियां और माल लादने वाले दो ट्रक जब्त किए हैं.
• फर्जीवाड़े का तरीका: आरोपी नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता के पास एसीसी और अंबुजा सीमेंट की डीलरशिप थी. इसकी आड़ में वे एक्सपायरी सीमेंट (समय सीमा समाप्त हो चुकी सीमेंट) में केमिकल मिलाकर उसे नामी कंपनियों के नए बोरों में पैक करके बेच रहे थे.
बड़े निर्माण कार्यों में सप्लाई (सिंडिकेट का दायरा)जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रति माह लगभग 30,000 नकली सीमेंट की बोरियां सप्लाई कर रहा था. पिछले 3 वर्षों में करीब 10 लाख से अधिक बोरियां बाजार और सरकारी प्रोजेक्ट्स में खपाई जा चुकी हैं. इस नकली सीमेंट की सप्लाई निम्नलिखित प्रमुख जगहों पर की गई:
• सीएम ग्रिड सड़क योजना: मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों के निर्माण में.
• लखनऊ एयरपोर्ट: लखनऊ में निर्माणाधीन एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में.
• अन्य प्रोजेक्ट्स: इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों में बड़े पुलों, पुलियाओं और बहुमंजिला इमारतों में भी इसे खपाया गया.
• राजनीतिक सांठगांठ के आरोप: पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि एक बड़े भाजपा नेता के भाई के पास इन सरकारी निर्माण कार्यों के ठेके हैं, जिनकी आड़ में यह नकली सीमेंट बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जा रही थी.
कानूनी कार्रवाई और आरोपी• पुलिस ने फैक्ट्री के मुंशी राहुल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
• मुख्य आरोपी संचालक भाई नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता (निवासी लाल बंगला, कानपुर) और उनके दो अन्य साझेदार (मेरठ निवासी सुनील मित्तल व निशांत मित्तल) फिलहाल फरार हैं.
• पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पनकी थाना इंस्पेक्टर को चार दिन का अल्टीमेटम दिया है.
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