ब्रेकिंग न्यूज

12/recent/ticker-posts

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी:भारतीय निर्यातकों को न्यूज़ीलैंड के बाज़ार में 100% शुल्क-मुक्त

भारतीय किसान और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए 30% टैरिफ श्रेणियों को समझौते से बाहर
समझौते से भारत के श्रम-प्रधान और निर्माण क्षेत्रों को सबसे अधिक मजबूती मिलेगी,
भारत के कुल सक्रिय मुक्त व्यापार समझौतों की संख्या बढ़कर 17

कानपुर: 21 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली: 21 अक्टूबर 2026

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसके तहत भारतीय निर्यातकों को न्यूज़ीलैंड के बाज़ार में 100% शुल्क-मुक्त (Zero-Duty) पहुंच प्रदान की गई है। इस ऐतिहासिक समझौते के लागू होने से भारत के कुल सक्रिय मुक्त व्यापार समझौतों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 
इस समझौते से जुड़े मुख्य आर्थिक पहलू और लाभ निम्नलिखित हैं:
भारत-न्यूज़ीलैंड व्यापार समझौते के प्रमुख बिंदु
मुख्य विशेषताएंविवरण
प्रभावी तिथि20 अक्टूबर 2026 (विजय दशमी के अवसर पर लागू)
भारतीय निर्यात पर छूटन्यूज़ीलैंड ने 100% शुल्क श्रेणियों (Tariff Lines) पर आयात शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया है (पहले इस पर 10% तक शुल्क लगता था)।
न्यूज़ीलैंड निर्यात पर छूटन्यूज़ीलैंड से भारत आने वाले 95% उत्पादों पर शुल्क में कटौती या रियायत दी गई है।
द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्यवर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर (₹35,000 करोड़) तक पहुंचाना।
निवेश प्रतिबद्धतान्यूज़ीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) करेगा।
रोजगार और वीजा लाभभारतीय कुशल कामगारों और पेशेवरों के लिए सालाना 5,000 अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा जारी किए जाएंगे।

शुल्क-मुक्त पहुंच का लाभ पाने वाले प्रमुख भारतीय उत्पाद
इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान (Labour-Intensive) और निर्माण क्षेत्रों को सबसे अधिक मजबूती मिलेगी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: 
कपड़ा और रेडीमेड परिधान (Textiles & Apparel) 
चमड़ा, जूते और चप्पल (Leather & Footwear) 
इंजीनियरिंग सामान और ऑटो कंपोनेंट्स (Engineering Goods & Auto Parts) 
फार्मास्यूटिकल्स और रसायन (Pharmaceuticals & Chemicals) 
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद (Processed Foods & Marine Products)
कालीन, चीनी मिट्टी के बर्तन और हस्तशिल्प (Ceramics, Carpets & Handicrafts) 
भारत द्वारा सुरक्षित रखे गए संवेदनशील क्षेत्र
भारतीय किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत ने अपनी करीब 30% टैरिफ श्रेणियों को इस समझौते से बाहर रखा है। इन क्षेत्रों पर कोई रियायत नहीं दी गई है: 
डेयरी उत्पाद (दूध, घी, पनीर आदि)
कृषि उत्पाद (चीनी, प्याज, दालें और खाद्य तेल)
रत्न एवं आभूषण और कुछ विशिष्ट धातु क्षेत्र 

Post a Comment

0 Comments