लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए पूरा समय समर्पित करना चाहते हैं।
जून और जुलाई के महीनों में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं।
जून और जुलाई के महीनों में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने 13 अक्टूबर 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और साथ ही उन्होंने अपनी राज्यसभा सदस्यता भी छोड़ने की अनुमति मांगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में उन्होंने बताया कि वह 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय समर्पित करना चाहते हैं।
इस्तीफे से जुड़े मुख्य बिंदु:
वजह: एल. मुरुगन ने अपने पत्र और सोशल मीडिया (X) पोस्ट में लिखा कि वह "जमीन पर वापस लौटकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होना चाहते हैं" और संगठन को मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी राजनीति के मार्गदर्शक सिद्धांत “नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट” को दोहराया।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें: न्यूज़18 (News18) के अनुसार, सूत्रों का मानना है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लगभग ढाई साल पूरे होने पर दिवाली से पहले केंद्रीय कैबिनेट में एक बड़ा फेरबदल आसन्न है। मुरुगन के इस्तीफे ने इन अटकलों को और तेज कर दिया है।
पिछला घटनाक्रम: मुरुगन से पहले जून और जुलाई के महीनों में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू भी मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं।
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका यह कदम बीजेपी द्वारा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में पार्टी के विस्तार की एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें: न्यूज़18 (News18) के अनुसार, सूत्रों का मानना है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के लगभग ढाई साल पूरे होने पर दिवाली से पहले केंद्रीय कैबिनेट में एक बड़ा फेरबदल आसन्न है। मुरुगन के इस्तीफे ने इन अटकलों को और तेज कर दिया है।
पिछला घटनाक्रम: मुरुगन से पहले जून और जुलाई के महीनों में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू भी मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे चुके हैं।
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके एल. मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे। उनका यह कदम बीजेपी द्वारा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में पार्टी के विस्तार की एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।




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