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वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद बैठक में साइबर सुरक्षा और फिनटेक नवाचार पर जोर, वित्तीय स्थिरता मजबूत करने पर चर्चा:

बैठक में भारतीय वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की समीक्षा वित्तीय प्रणाली की मजबूती और उभरते जोखिमों से निपटने के लिए सतर्कता बरतने पर दिया जोर।
अकाउंट एग्रीगेटर और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस जैसे डिजिटल ढांचों के विस्तार पर भी चर्चा की।
घरेलू निवेश को बढ़ावा देने, पूंजी प्रवाह में सुधार और वित्तीय क्षेत्र में सुधारों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कानपुर: 26 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली | 26 अक्टूबर 2026
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (FSDC) की 30वीं बैठक 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक में देश की वित्तीय स्थिरता, साइबर सुरक्षा, फिनटेक नवाचार और वित्तीय क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। परिषद ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय प्रणाली की मजबूती बनाए रखने और उभरते जोखिमों से निपटने के लिए सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान
बैठक में भारतीय वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की समीक्षा की गई। परिषद ने वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा रणनीति (FSCSS) पर विचार किया, जिसका उद्देश्य साइबर खतरों से निपटने और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा क्षमता को बेहतर बनाना है।
इसके अलावा, देश के महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, सुरक्षा प्रणालियों की मजबूती और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान और वित्तीय सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर सुरक्षा को मजबूत करना वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकता बन गया है।
फिनटेक नवाचार और डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा
बैठक में वित्तीय प्रौद्योगिकी यानी फिनटेक क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। परिषद ने वित्तीय परिसंपत्तियों और अन्य वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन की संभावनाओं पर विचार किया।
इसके साथ ही, वित्तीय सेवाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार और नियामकीय प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
परिषद ने अकाउंट एग्रीगेटर और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) जैसे डिजिटल ढांचों के विस्तार पर भी चर्चा की। इन पहलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने की संभावनाएं शामिल हैं।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच वित्तीय स्थिरता पर जोर
परिषद ने घरेलू और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज वृद्धि से जुड़े संभावित जोखिमों पर ध्यान दिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि वित्तीय प्रणाली को संभावित जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए समय रहते कदम उठाना और वित्तीय नियामकों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
इसके अलावा, घरेलू निवेश को बढ़ावा देने, पूंजी प्रवाह में सुधार करने और वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
KYC प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर चर्चा
वित्तीय सेवाओं को अधिक सुगम और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ग्राहक पहचान प्रक्रिया यानी KYC को सरल एवं डिजिटल बनाने पर चर्चा की गई। अनिवासी भारतीयों (NRIs) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग को बेहतर बनाने के मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, वित्तीय मध्यस्थता की लागत कम करने, नियामकीय प्रक्रियाओं को अधिक उत्तरदायी बनाने और क्रेडिट गारंटी योजनाओं को तर्कसंगत बनाने पर भी विचार किया गया।
लावारिस वित्तीय परिसंपत्तियों की वापसी में तेजी लाने का आग्रह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संबंधित नियामकों और अन्य हितधारकों से लावारिस वित्तीय परिसंपत्तियों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया।
इन परिसंपत्तियों में बैंक जमा, लाभांश, शेयर, डाकघर खाते, बीमा राशि और पेंशन फंड से जुड़ी रकम शामिल हैं। परिषद ने इस दिशा में चलाए जा रहे ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान के तहत किए गए प्रयासों की भी समीक्षा की और समय पर धनराशि लौटाने के लिए आगे की कार्रवाई पर जोर दिया।
FSDC की बैठकें अधिक नियमित करने का सुझाव
बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और उभरती आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए वित्त मंत्री ने परिषद की बैठकें पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अधिक नियमित अंतराल पर आयोजित करने का सुझाव दिया। इसका उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र से जुड़े जोखिमों की समय रहते समीक्षा करना और विभिन्न नियामकों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना है।
बैठक में साइबर सुरक्षा और फिनटेक नवाचारपर जोर, वित्तीय स्थिरता मजबूत करने पर चर्चा
30वीं बैठक में साइबर सुरक्षा, फिनटेक नवाचार, डिजिटल वित्तीय ढांचे और वित्तीय स्थिरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में उभरते जोखिमों से निपटने, निवेश को प्रोत्साहित करने, वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने और वित्तीय क्षेत्र की मजबूती बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इन चर्चाओं का आगे का प्रभाव संबंधित नीतिगत निर्णयों, नियामकीय निर्देशों और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

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