उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना चयनित मंदिर में 3 स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है
पहल में महिला कलाकारों को प्राथमिकता
हुनर को बढ़ावा दे आजीविका को भी सहारा
लखनऊ: 19 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शारदीय नवरात्रि के दौरान 'मिशन शक्ति 6.0' अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता (स्वावलंबन) के प्रति जागरूक करना है। सरकार इन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक बदलाव का संदेश दे रही है।
मिशन शक्ति कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
26 प्रमुख देवी मंदिरों का चयन: राज्य के 24 जिलों के 26 प्रसिद्ध देवी मंदिरों में सप्तमी से नवमी तिथि तक तीन दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इनमें मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी मंदिर, प्रयागराज का अलोपी देवी मंदिर और लखनऊ का चंद्रिका देवी मंदिर प्रमुख रूप से शामिल हैं।
पारंपरिक गायन और पाठ: इन मंदिरों में पारंपरिक लोक शैलियों में देवी गीतों का गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ मुख्य आकर्षण हैं।
78 स्थानीय कलाकारों को मंच: प्रत्येक चयनित मंदिर में 3 स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस पहल में महिला कलाकारों को प्राथमिकता दी गई है ताकि उनके हुनर को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी आजीविका को भी सहारा मिल सके।
पिंक समाधान दिवस (तहसील दिवस): महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अभियान के तहत 17 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी 75 जिलों में विशेष 'पिंक समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इसके जरिए महिलाओं को बिना किसी संकोच के अपनी शिकायतें दर्ज कराने का एक भरोसेमंद मंच मिला है।
सुरक्षा हेल्पलाइन की जानकारी: पुलिस विभाग की महिला सुरक्षा टीमें (महिला बीट) विभिन्न दुर्गा पंडालों, मंदिरों और बाजारों में जाकर महिलाओं को आपातकालीन नंबरों जैसे 1090 (वीमेन पावर लाइन), 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) के उपयोग और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
मिशन शक्ति 6.0 (Mission Shakti Phase 6.0) उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा एक विशेष जन-जागरूकता अभियान है। इसकी शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में की गई है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य और गतिविधियां
शारदीय नवरात्रि विशेष फोकस: नवरात्रि और दशहरा के दौरान प्रदेशभर के सभी कमिश्नरेट एवं जनपदों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कार्रवाई: इसके अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में संवाद: पुलिस टीमें (मिशन शक्ति टीमें, एंटी रोमियो स्क्वॉड, पिंक बूथ और पिंक स्कूटी पर तैनात कर्मी) स्कूलों, कॉलेजों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जाकर छात्राओं व महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
एक दिन का सांकेतिक पद: छात्राओं को प्रेरित करने के लिए कई स्थानों पर उन्हें प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का थाना प्रभारी या अधिकारी बनाने जैसे कार्यक्रम भी कराए जा रहे हैं।
हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की जानकारी: महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पाने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090 आदि) और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
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